नई दिल्ली। पिता के साथ मंदिर पूजा करने जा रही साढ़े चार साल की मासूम की चाइनीज़ मांझे से गर्दन कट गई। गर्दन कटने से उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक, इशिका अपने परिवार के साथ सोनिया विहार पांचवा पुश्ता में रहती थी। परिवार में पिता गिरीश शर्मा व माँ पुष्पा देवी व अन्य सदस्य रहते हैं। गिरीश शर्मा एक निजी कंपनी में कार्यरत करते हैं। शनिवार को जन्माष्टमी की छुट्टी होने पर, इशिका ने अपने पिता से इच्छा जताई कि उसे हनुमान मंदिर जाकर पूजा करनी है। गिरीश शाम साढ़े छह बजे इशिका को बाइक पर आगे बैठाकर घर से यमुना बाजार हनुमान मंदिर के लिए रवाना हुए। जैसे ही वह सोनिया विहार पुश्ता रोड से होकर वजीराबाद रोड पहुँचे, तभी अचानक बाइक के आगे चाइनीज़ मांझा आ गया।

मांझे से इशिका की गर्दन कटती चली गई, जब इशिका की गर्दन से खून बहा तब गिरीश को उसकी गर्दन कटने का पता चला। उन्होंने तुरंत बाइक रोकी, लेकिन तबतक बच्ची की आधी गर्दन कट चुकी थी। उन्होंने तुरंत बच्ची को शास्त्री पार्क स्थित जग प्रवेश चंद अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यहां परिजन और डॉक्टरों के बीच काफी नोकझोक भी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस में शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच में जुट गई है।

इशिका के एक रिश्तेदार ने बताया कि जन्माष्टमी की वजह से घर जश्न का माहौल था। इशिका अपने पिता से मंदिर जाने की जिद कर रही थी, इसलिए उसके पिता उसे दर्शन करवाने के लिए हनुमान मंदिर लेकर जा रहे थे। इशिका की इस मंदिर से विशेष आस्था थी, वह कई बार अपने पिता के साथ इस मंदिर में दर्शन के लिए गई थी। इशिका शनिवार को भी अपनी मां से कह रही थी कि वह उनके साथ मंदिर चले दर्शन के लिए। लेकिन मां ने इशिका से कहा कि वह अपने पिता के साथ मंदिर जाए, जब तक वह मंदिर से लौटेंगे तब तक वह उनके लिए लज़ीज़ खाना बना लेंगी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली में चाइनीज़ मांझे पर रोक लगाई हुई है, इसके बावजूद इस स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में चाइनीज़ मांझा धड़ल्ले से बिका। दिल्ली में पहली बार नहीं है जब चाइनीज़ मांझे से किसी की जान गई हो, एक सप्ताह पहले ही उत्तर पश्चिमी इलाके में एक बाइक सवार युवक की मांझे से कटने से मौत हुई थी। उसके बाद भी न तो पुलिस जागी और न ही दिल्ली सरकार।