AAP Swearing In Ceremony: दिल्ली में केजरीवाल सरकार का रविवार को शपथग्रहण समारोह होने जा रहा है। इसके पहले ही सूबे की सियासत एक बार फिर गरमाने लगी है। इस बार भाजपा नेताओं ने कार्यक्रम को लेकर जारी किए गे एक सर्कुलर पर सवाल खड़े किए हैं। इसमें भाजपा से वर्तमान विधायक विजेंद्र गुप्ता और भाजपा कपिल मिश्रा शामिल हैं। विधायक विजेंद्र गुप्ता ने अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखते हुए उनसे उस आदेश को वापस लेने की मांग की है जिसमें उनके शपथग्रहण समारोह के दौरान सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है। वहीं दूसरी ओर कपिल मिश्रा ने भी इसे लेकर ट्वीट करते हुए नाराजगी जताई है।

विधायक विजेंद्र गुप्ता ने कही यह बात

शुक्रवार को जारी हुए इस सर्कुलर को लेकर भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता ने इसे तानाशाही बताया है। उन्होंने इस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि केजरीवाल ने शासन और लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करने का कहा था लेकिन उनका यह विश्वास इस आदेश के जारी होने के बाद टूट गया है। इस सर्कुलर से 15 हजार से ज्यादा शिक्षक और अधिकारी प्रभावित होंगे।

कपिल मिश्रा ने किया यह ट्वीट

इस मामले पर दिल्ली में भाजपा के फायर ब्रांड नेता बन चुके कपिल मिश्रा ने भी नाराजगी जताई है। मिश्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि शपथ ग्रहण में शिक्षकों की मौजूदगी रहे यह अच्छी बात है। लेकिन सरकारी आदेश निकालकर उन्हें जबर्जस्ती बुलाना एक गलत परंपरा की शुरुआत है।

गौरतलब है कि शिक्षा निदेशालय की ओर से यह सर्कुलर जारी किया गया है, जिसमें सभी शिक्षकों को शपथ ग्रहण समारोह के दौरान रामलीला मैदान पर उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है। सर्कुलर में कहा गया है कि प्राचार्यों और शिक्षकों की हाजिरी 16 फरवरी को रामलीला मैदान के एंट्री गेट पर लगेगी।

Posted By: Neeraj Vyas