नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने राफेल सौदे पर अपने फैसले की समीक्षा करने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की पीठ ने इस सौदे को चुनौती देने वाली चार याचिकाएं 14 दिसंबर को खारिज कर दी थीं। इसने कहा था कि राफेल सौदे से जुड़ी निर्णय प्रक्रिया पर संदेह करने लायक कुछ नहीं है। ऐसे में सौदे को खारिज करने की जरूरत भी नहीं है।

आप के राज्यसभा सदस्य ने अपनी समीक्षा याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई करने की भी मांग की है। इसके अलावा लड़ाकू विमान के दाम को साझा करने के विषय पर अदालत को कथित रूप से गुमराह करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई है।

इस याचिका में कहा गया है कि यह फैसला केंद्र और रक्षा मंत्रालय द्वारा सीलबंद लिफाफे में बिना हस्ताक्षर के दिए गए नोट में गलत दावे पर आधारित है। यह नोट याचिकाकर्ता को नहीं दिखाया गया, जो नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।

रक्षा मंत्रालय की प्रामाणिकता स्थापित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया गया।उसे मूल्य निर्धारण का विवरण कैग के साथ और कैग की कथित रिपोर्ट पीएसी से साझा किए जाने का विश्वास दिलाया गया। यह तथ्यात्मक रूप से बिल्कुल गलत है।

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