नई दिल्ली। 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआइपी हेलीकॉप्टर सौदा मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक और बिचौलिये सुशेन मोहन गुप्ता (44) को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।

इस मामले में अधिवक्ता गौतम खेतान और ब्रिटिश बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। ईडी ने सुशेन मोहन गुप्ता को विशेष जज अरविंद कुमार की अदालत में पेश किया और 14 दिन की हिरासत में भेजने की मांग की। लेकिन अदालत ने उसे चार दिन की हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

ईडी अधिकारियों ने बताया कि हाल में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्रत्यर्पित कर लाए गए राजीव सक्सेना से पूछताछ में सुशेन मोहन गुप्ता की इस मामले में संलिप्तता का पता चला था। राजीव सक्सेना इस मामले में सरकारी गवाह बन गया है। पूछताछ में उसने बताया कि 'इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजीस' नामक कंपनी को अगस्ता वेस्टलैंड ने रिश्वत की रकम दी थी।

इस पर गौतम खेतान और सुशेन मोहन गुप्ता का नियंत्रण था। ईडी के विशेष अभियोजक डीपी सिंह और एनके मट्टा ने अदालत में कहा कि सुशेन को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है क्योंकि उसने गोलमोल जवाब दिए हैं।

ईडी का आरोप है कि खेतान की मिलीभगत से सुशेन ने 'इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजीस' के खातों में आई रिश्वत की रकम को विभिन्न देशों में स्थित कंपनियों के मार्फत आगे ट्रांसफर किया था। जांच एजेंसी ने दावा किया कि राजीव सक्सेना ने दो डायरियां, कुछ पन्ने, अन्य दस्तावेज और एक पेन ड्राइव उपलब्ध कराई है जो उसके मुताबिक सुशेन मोहन गुप्ता की हैं।

इनमें अगस्ता वेस्टलैंड मामले में दी गई रिश्वत की रकम का विवरण है। मालूम हो कि एक जनवरी, 2014 को अगस्ता वेस्टलैंड की ब्रिटिश सहायक कंपनी फिनमैकेनिका के साथ भारत सरकार ने 12 एडब्लू-101 वीवीआइपी हेलीकॉप्टर खरीद का समझौता रद कर दिया था।

आरोप था कि कंपनी ने अनुबंध शर्तों का उल्लंघन किया और सौदा हासिल करने के लिए 423 करोड़ रुपये तक की रिश्वत दी। सीबीआइ और ईडी ने इस मामले में कई आरोप-पत्र दाखिल किए हैं जिसमें अन्य लोगों के अलावा पूर्व वायु सेना अध्यक्ष एसपी त्यागी और उनके परिवार के सदस्यों को भी नामित किया गया है।