नई दिल्ली। अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग के केस में आरोपित राजीव सक्सेना को सरकारी गवाह बनाने के मसले पर गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपना रुख साफ कर दिया। ईडी ने पटियाला हाउस कोर्ट में कहा कि राजीव को सरकारी गवाह बनाए जाने में उसे कोई आपत्ति नहीं है।

विशेष न्यायाधीश अरविद कुमार ने ईडी के जवाब पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत 25 मार्च को यह फैसला करेगी कि राजीव सक्सेना को सरकारी गवाह बनाए जाने की अनुमति दी जाए या नहीं।

ईडी की तरफ से लोक अभियोजक डीपी सिह व एनके मट्टा ने कहा कि राजीव सक्सेना का गवाह बनना एजेंसी के पक्ष में रहेगा। ईडी के वकील ने अदालत में कहा कि हम सक्सेना के सरकारी गवाह बनने के आवेदन का समर्थन करते हैं। उन्होंने जांच एजेंसी की मदद करने की शुरू से इच्छा जाहिर की है। राजीव सक्सेना ने इससे पहले अपना बयान दर्ज कराया था। सक्सेना को दुबई से लाया गया था और कई दिन तक रिमांड पर रखने के बाद गत 31 जनवरी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

ईडी का आरोप है कि राजीव ने गौतम खेतान के साथ साठगांठ कर अगस्ता वेस्टलैंड के पक्ष में 12 वीवीआइपी हेलीकॉप्टरों के करार को प्रभावित करने के लिए विभिन्न राजनीतिज्ञों, नौकरशाहों और वायुसेना के अधिकारियों को भुगतान करने के उद्देश्य से अवैध धन शोधन के लिए वैश्विक कारपोरेट ढांचा प्रदान किया। इस मामले में वायुसेना के पूर्व प्रमुख एसपी त्यागी सहित कई आरोपित हैं।