नई दिल्ली। राजधानी में उबर कंपनी पर लगा प्रतिबंध हाईकोर्ट ने बुधवार को हटा लिया। गौरतलब है कि दिल्‍ली सरकार ने दिसंबर 2014 में हुई रेप की एक वारदात के बाद आनन-फानन में दिल्ली में उबर पर बैन लगा दिया था। हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार की उबर टैक्सी की लाइसेंस रद करने की याचिका आज खारिज हो गई। हाईकोर्ट के इस फैसले से दिल्ली सरकार को बड़ा झटका लगा है। इससे पहले जनवरी में उबर के चालकों ने कहा था कि कंपनी में 5000 से ज्यादा कैब हैं और 5400 से ज्यादा कैब चालक हैं। इन सभी कैब को परिवहन विभाग द्वारा ऑल इंडिया प्ररमिट दिया गया है।

ऐसे में दिल्ली में सिर्फ उबर को ही प्रतिबंधित करना चालकों के साथ नाइंसाफी है। अगर एक ड्राइवर कुछ गलत करता है तो उसकी सजा सभी ड्राइवरों को नहीं दी जा सकती है।

दरअसल, दिसंबर 2014 में 27 वर्षीय एक युवती ने उबर कैब के चालक शिव कुमार यादव (32) पर रेप करने का आरोप लगाया था। इसके बाद सरकार ने दिल्ली में उबर की गाड़ियों पर बैन लगा दिया था। बताया जाता है कि उबर कंपनी ने आरोपी चालक को बिना पुलिस वेरिफिकेशन के नौकरी पर रख लिया था।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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