नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता (Delhi Air Pollution) 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी हुई है। इस बीच भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने वायु प्रदूषण के मुद्दे पर दिल्ली सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के बढ़ने का कारण पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) है। साल में दो हफ्ते पराली जलाई जाती है और बाकी साल प्रदूषण कम रहता है। लेखी ने यह भी कहा कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सांसद वायु प्रदूषण पर चर्चा के दौरान मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि सभी सांसद चर्चा के दौरान मौजूद थे और उन्होंने अपने विचार दिए। प्रत्येक सांसद को बोलने के लिए एक समय आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण का मुद्दा अर्थव्यवस्था से संबंधित है। राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 22 नवंबर को 347 पर पहुंच गया, जो वायु गुणवत्ता मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान (Air Quality Weather Forecasting and Research यानी SAFAR) के अनुसार 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। दिल्ली के कई स्थानों पर AQI 'बहुत खराब' स्थिति में था, जबकि वजीरपुर और आईटीओ जैसे कुछ भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में, वायु की गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में आ गई।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली और खासतौर पर गाजियाबाद के आस-पास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता 414 के स्तर पर आ गई है। यह 'गंभीर' श्रेणी में आता है। लेखी ने पानी की गुणवत्ता पर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की रिपोर्ट पर सवाल उठाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि पानी की गुणवत्ता अच्छी है, तो लोगों ने अपने घरों में आरओ क्यों लगाए हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि दिल्ली में कई जगहों पर पानी की गुणवत्ता अच्छी नहीं है।

बताते चलें कि 16 नवंबर को केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने पानी की गुणवत्ता की रिपोर्ट जारी करते हुए कहा था कि मुंबई में पानी की गुणवत्ता शीर्ष पर थी। वहीं, दिल्ली से लिए गए नमूने 19 मापदंडों पर विफल रहे थे। इसके बाद केजरीवाल ने पासवान पर दिल्ली के पानी की गुणवत्ता को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया था। इस पर पासवान ने जवाब दिया था कि पानी के नमूने ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स ने लिए थे, न कि उन्होंने और दिल्ली का पानी उन पैमानों पर खरा नहीं उतरा।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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