नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल को विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। साथ ही गोयल के खिलाफ जारी 'लुक आउट सर्कुलर' (एलओसी) को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

जस्टिस सुरेश कैत ने कहा कि इस समय गोयल को कोई अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती और यदि वह तत्काल विदेश यात्रा करना चाहते हैं तो उन्हें गारंटी के तौर पर 18,000 करोड़ रुपए जमा कराने होंगे।

अदालत ने गोयल के नाम जारी LOC के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की।

गोयल ने एलओसी को चुनौती देने वाली याचिका में कहा है कि उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। फिर भी उन्हें 25 मई को दुबई की एक उड़ान से उतार लिया गया।

गोयल ने कहा कि उन्हें लुक आउट सर्कुलर की जानकारी 25 मई को तब मिली, जब वह और उनकी पत्नी अनीता दुबई जा रहे थे, जहां से वे लंदन जाने वाले थे।

जेट का मामला एनसीएलटी में

नकदी की संकट से जूझ रही जेट एयरवेज ने बैंकों से फंडिंग न मिलते के चलते 17 अप्रैल से उड़ानों का संचालन बंद कर रखा है। बैंकों से जेट को 400 करोड़ रुपए का इमरजेंसी फंड मिलना था। एसबीआई की अगुवाई वाले 26 बैंकों के समूह ने जेट से 8,500 करोड़ रुपए के बकाये की वसूली के लिए यह मामला एनसीएलटी के पास भेजा है। पिछली सुनवाई में ट्रिब्यूनल ने रिजोल्यूशन प्रोफेशनल्स को आदेश दिया था कि 90 दिन के भीतर याचिका का निपटारा किया जाए।

जेट पर 36,500 करोड़ की देनदारी

जेट एयरवेज के करीब 23,000 कर्मचारियों को मार्च से वेतन नहीं मिला है। पिछले कुछ वर्षों में जेट को 13,000 करोड़ रुपए का घाटा भी हुआ है। कंपनी पर कुल देनदारियां करीब 36,500 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। कंपनी पर बैंकों का 8,500 करोड़ रुपए, वेंडर्स व विमान पट्टे पर देने वाली कंपनियों का 10,000 करोड़ रुपए और कर्मचारियों के करीब 3,000 करोड़ रुपए का वेतन बकाया है।