नई दिल्ली। ठंड करीब है और इसके साथ ही दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स दशहरे के बाद 140 प्रतिशत तक गिरा है। इसके बाद आज से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू होने वाला है जिसके बाद दिल्ली-एनसीआर में आज से डीजल जनरेटर के अलावा कईं चीजों के उपयोग पर रोक लगाने की तैयारी है। इस साल जनरेटर्स पर यह प्रतिबंध गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और बहादूरगढ़ में भी लागू होगा। हालांकि, इन शहरों के प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इसे लागू करना काफी दिक्कत वाला काम होगा।

सरकार द्वारा की जा रही कवायदों में मेट्रो टेन्स की फ्रीक्वेंसी भी बढ़ाई जाएगी साथ ही और ज्यादा पब्लिक बसें भी सड़कों पर उतरेंगी। इसके अलावा पार्किंग फीस बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। हालांकि, इसे लागू करना फिलहाल आसान नहीं है क्योंकि यह पार्किंग पॉलिसी का हिस्सा हैं। बता दें कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई इनवायरमेंट पॉल्यूशन अथॉरिटी ने जनरेटर्स पर प्रतिबंध लगाया था। हालांकि, यह प्रतिबंध तब सिर्फ दिल्ली में ही लगा था लेकिन इस बार अन्य शहरों में भी लागू होगा। वैसे इस बार की लिस्ट में इमरजेंसी सेवाओं के लिए जनरेटर्स को छूट दी गई है। इसमें अस्पताल, लिफ्ट व अन्य शामिल हैं। हालांकि, इसमें साफ कहा गया है कि हाउसिंग सोसायटी में यह छूट केवल लिफ्ट के लिए रहेगी ना की पावर बैकअप के लिए

ईपीए के अनुसार अगर राजधानी में हवा का स्तर और खराब होता है तो और कड़े नियम लागू किए जाएंगे। मसलन अगर एयर क्वालिटी इंडेक्स 500 के ऊपर जाता है तो फिर ग्रेप के तहत निर्माण कार्यों पर रोक के साथ ही ऑड ईवन स्कीम, राजधानी में ट्रकों के प्रवेश पर रोक और स्कूलों को बंद करने जैसे कदम उठाए जाएंगे। पिछले साल भी प्रदूषण बढ़ने के बाद राजधानी में स्कूलों की कुछ दिनों के लिए छुट्टियां घोषित कर दी गई थी।

Posted By: Ajay Barve

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