नई दिल्ली। दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में एक बार फिर ठंड ने दस्तक दी है। बर्फीली हवाओं की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन हवाओं की वजह से प्रदूषण पर लगाम लगी है।

इससे पहले मंगलवार को तो इस सीजन का सबसे कम एयर इंडेक्स मापा गया, लेकिन बुधवार से हवा की रफ्तार कम होने लगेगी, जिससे ठंड में तो कमी आएगी पर प्रदूषण में इजाफा होगा। सफर इंडिया के मुताबिक अगले दो दिनों तक एयर इंडेक्स 350 से नीचे ही रहेगा। मंगलवार को दिनभर ठिठुरन महसूस की गई। बादलों और सूरज में भी आंखमिचौली चलती रही।

दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम 19.3 जबकि न्यूनतम सामान्य से एक कम महज छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में अभी तीन से चार दिनों तक रात के समय ठंड बढ़ेगी, लेकिन दिन में ठंडी हवा का सितम कम होगा।

मौसम और प्रदूषण में कमी की वजह उत्तर पश्चिम दिशा से आ रही ठंडी हवा है, जिसकी गति काफी तेज थी। लेकिन, अब इसकी गति कम हो रही है। गुरुवार और शुक्रवार से यह फिर मंद हो जाएगी। हवा की गति कम होने की वजह पहाड़ों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। इस कारण हवा की दिशा में बदलाव आएगा।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस मौसम में निमोनिया, सांस के रोगी तथा बुखार के मामलों में इजाफा होता है। खास कर बच्चों तथा बुजुर्गों की सेहत को लेकर ध्यान देने की जरूरत है।

सीपीसीबी ने मांगी नियमित मॉनीटरिंग रिपोर्ट

सीपीसीबी ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी कर नियमित तौर पर वायु प्रदूषण की मॉनीटरिंग रिपोर्ट भेजने को कहा है। इन सभी को निर्देश दिया गया है अपने यहां खुले में कचरा जलाने, प्रदूषित औद्योगिक गतिविधियां चलाने, डीजल वाले जनरेटर सेट चलाने तथा मलबा डालने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाएं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटा जुर्माना लगाने और पुलिस में मामला दर्ज कराने का निर्देश भी दिया गया है।

सीपीसीबी के अध्यक्ष एसपी सिंह परिहार ने बताया कि इस नियमित रिपोर्ट के आधार पर सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को सभी राज्य बोर्डों को यह रिपोर्ट भी भेजनी होगी कि शिकायतों और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। इसके साथ ही तीनों राज्यों से दिसंबर माह की रिपोर्ट भी जल्द से जल्द जमा कराने को कहा गया है।

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