कोरोना काल में दिल्ली के लोगों को बड़ी राहत मिली है। राजधानी में इस साल बिजली के दाम नहीं बढ़ेंगे। डीईआरसी ने शुक्रवार को वर्ष 2020-21के लिए बिजली की दरें घोषित कर दी हैं। बिजली की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। डीईआरसी के इस फैसले से दिल्ली के लाखों को राहत मिली है। पिछले साल जुलाई महीने में डीईआरसी ने बिजली की फिक्स्ड दरों में भारी कटौती की थी। इसकी वजह से बिजली के रेट सस्ते हो गए थे। दो किलो वाट तक (प्रति माह) सिर्फ 20 रुपये ही देने पड़ रहे हैं, जबकि इसके लिए पहले उपभोक्ताओं को 125 रुपये देने पड़ते थे। इसी तरह तीन से पांच किलोवाट की खपत पर उपभोक्ता 50 रुपये दे रहे हैं जबकि जुलाई 2019 से पहले पांच किलोवाट (प्रति माह) बिजली की खपत पर 140 रुपये देने पड़ते थे। इसके अलावा छह से 15 किलोवाट तक 175 रुपये प्रति किलोवाट की जगह 100 रूपये प्रति किलोवाट स्थायी शुल्क लिया जा रहा है।

वर्तमान में यहां ये कंपनियां देती हैं बिजली

बांबे सबअर्बन इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई की दोनों कंपनियां बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड और बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) पूर्वी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, मध्य दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली के 42 लाख उपभोक्ताओं को बिजली पहुंचाती है। वहीं, टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) उत्तर दिल्ली और उत्तर पश्चिमी दिल्ली के 16.4 लाख उपभोक्ताओं को बिजली पहुंचाती है।

Posted By: Navodit Saktawat

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