नई दिल्ली। Delhi AIIMS Fire : एम्‍स में शाम साढ़े पांच बजे लगी भीषण आग पर आखिर रात 11 बजे काबू पा लिया गया। आग बुझाने की कोशिशों के बीच यहां कुछ देर पहले दोबारा आग लग गई थी, जिस पर काबू पाया गया। 45 दमकलें लगातार मशक्‍कत कर रही थीं।

दिल्ली अग्निशमन सेवा के निदेशक ने बताया कि एम्स) दिल्ली में विपिन केंट में आग लग गई थी। आग पूरी तरह से नियंत्रण में है। कूलिंग ऑपरेशन चल रहा है, वे कुछ और समय के लिए जारी रहेंगे, स्टाफ की निगरानी के लिए यहां होगा। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।


एम्स में शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे भीषण आग लग जाने से हड़कंप मच गया। आग कुछ ही देर में पहली, तीसरी, चौथी व पांचवीं मंजिल तक पहुंच गई। अस्‍पताल की बिजली सेवा बंद कर दी गई है। मौके पर एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई है।

डॉक्टरों और अन्य स्टाफ समेत करीब 50 लोगों ने बाहर भागकर जान बचाई। इमरजेंसी लैब वाली इमारत में धुआं फैलने के कारण वहां भर्ती करीब 55 मरीजों को दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया।

आग से करोड़ों के नुकसान का अनुमान है। इमरजेंसी सेवाएं बंद कर दी गई हैं। देर रात तक करीब 40 दमकल गाड़ियां आग बुझाने में लगी थीं। एक्स-रे विभाग के एक कर्मचारी के मुताबिक एक्स-रे मशीन में धमाके से आग लगी और देखते ही देखते पूरी बिल्डिग में फैल गई।

जहां आग लगी वहां यह सब था

एम्स परिसर में मुख्य अस्पताल के बराबर में टीचिग ब्लॉक की पांच मंजिला इमारत है। इस इमारत में लैब मेडिसिन और इमरजेंसी लैब डिपार्टमेंट के साथ ही कई प्रोफेसरों के ऑफिस बने हुए हैं। सैंपल कलेक्ट करने के लिए डीप-फ्रीजर भी रखे हुए हैं। यहीं एक्स-रे भी होता है। शाम करीब साढ़े चार बजे दूसरी मंजिल पर माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट में आग लग गई। कुछ ही देर में आग बढ़ती चली गई।

चल रहा था ऑपरेशन

टीचिग ब्लॉक के बराबर वाली बिल्डिग में इमरजेंसी लैब है। इसमें हड्डियों के मरीजों का ऑपरेशन होता है। आग लगने के वक्त भी एक मरीज का ऑपरेशन चल रहा था। बराबर वाली बिल्डिग से धुआं इस बिल्डिग में भी फैलने लगा तो उक्त मरीज का जल्द ऑपरेशन पूरा किया गया।

रेजिडेंट डॉक्टरों व नर्सों ने भी लोगों ने बचाया टीचिग ब्लॉक में चीख पुकार मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। इस दौरान रेडिजेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के सदस्यों और नर्सों ने लोगों की मदद की और उन्हें आग से निकाला। इन्हें इस भवन के सभी रास्ते व सुरक्षित आवागमन का तरीका पता था।