नई दिल्ली। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देख केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शनिवार को सरकारी एजेंसियों के रवैए को लेकर सख्त नाराजगी जताई है। साथ ही कहा कि अब यदि शिकायतों पर 48 घंटे में अमल नहीं हुआ, तो संबंधित एजेंसियों और विभागों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाएगा। किसी को भी नहीं छोड़ा जाएगा, भले ही वह कितना प्रभावशाली विभाग या अधिकारी ही क्यों न हो।

सोमवार को दिल्ली-एनसीआर के जिम्मेदार अधिकारियों की बैठक

केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारों से चर्चा में बताया कि इस संबंध में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दे दिए गए हैं। अगले हफ्ते से इस पर अमल शुरू कर देंगे। हालांकि इससे पहले सोमवार को उन्होंने दिल्ली और एनसीआर के उन सभी विभागों व एजेंसियों की एक बैठक बुलाई है, जिनके ऊपर प्रदूषण पर रोकथाम की जवाबदेही है।

सीपीसीबी की टीमों के साथ चर्चा की

केंद्रीय मंत्री ने इससे पहले दिल्ली और एनसीआर के शहरों में प्रदूषण फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए तैनात की गई केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीमों के साथ चर्चा की। साथ ही यह जानने की कोशिश की, इसकी रोकथाम में कहां दिक्कत हो रही है।

15 सितंबर से शुरू हो चुकी है निगरानी

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सीपीसीबी ने सर्दी के दिनों में दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण के बढ़ने वाले स्तर को देखते हुए 15 सिंतबर से निगरानी शुरू की है। इस दौरान प्रदूषण फैलाने से जुड़ी करीब 25 सौ शिकायतें दर्ज की गई हैं। इसके तहत संबंधित विभागों को अमल करना था, लेकिन इनमें से सिर्फ 250 शिकायतों पर ही अमल हुआ है। यह एक गंभीर लापरवाही है। ऐसे में अब सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया गया है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि इसके दायरे में केंद्र, दिल्ली सरकार और नगरीय निकाय सभी होंगे। साथ ही उन्होंने बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए निगरानी के लिए टीमों को बढ़ाने की भी घोषणा की। इसके तहत अब दिल्ली और एनसीआर में सीपीसीबी की 41 की जगह 50 टीमें काम करेंगी। इसके साथ ही विशेषज्ञों की टीम भी अब हफ्ते में दो दिन की जगह पांच दिन क्षेत्र का दौरा करेगी।

पर्यावरण मंत्रियों की बुलाई बैठक


दीपावली के आसपास हवा में आने वाले बदलाव को देखते हुए सतर्क केंद्र ने दिल्ली सहित पड़ोसी राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों और अधिकारियों की एक अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक एक नवंबर को होगी। केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि इनमें राज्यों के साथ पराली जलाने की घटनाओं सहित उनकी ओर से किए गए दावों को समीक्षा की जाएगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि दीपावली के आसपास दिल्ली एक बार फिर पराली और पटाखों के जहरीले धुएं से गैस चेंबर में तब्दील हो सकती है।

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