नई दिल्ली। दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित संत रविदास का मंदिर तोड़े जाने के विरोध में विरोध प्रदर्शन के लिए बुधवार को सड़कों पर उतरे हजारों लोग हिंसक हो गए। इस दौरान उन्होंने एक गाड़ी को आगे के हवाले कर दिया और पुलिस पर पत्थरबाजी की। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान झड़प में दो दर्जन आंदोलनकारियों समेत करीब 10 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनमें एक डीसीपी भी हैं। पुलिस ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर समेत 47 लोगों को हिरासत में लिया है।

नाराज प्रदर्शनकारियों ने इलाके में सैकड़ों गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया है। कईं कारों से शीशे तोड़ दिए तो कुछ में तोड़फोड़ हुई है। दिल्ली में जुटे अनुयायियों की संख्या 20 हजार से ज्यादा बताई जा रही है। शाम साढ़े छह बजे करीब 10 हजार से ज्यादा आंदोलनकारी मथुरा रोड से गुरु रविदास मार्ग पहुंचे। पुलिस ने 500 मीटर पहले ही तारा अपार्टमेंट रेडलाइट के पास बैरिकेड लगा रखा था।

लाठी, डंडा, सरिया लेकर आए आंदोलनकारी मंदिर स्थल तक जाने की जिद करने लगे। करीब सात बजे झड़प हो गई। मामला बढ़ता देख पुलिस को बेकाबू भीड़ पर काबू पाने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा और हवाई फायरिग करनी पड़ी। इससे वहां भगदड़ मच गई और इस कारण गुरु रविदास मार्ग, ओखला एस्टेट मार्ग, मां आनंदमयी मार्ग आदि पर स्थिति गंभीर हो गई। पुलिस ने गोविदपुरी और कालकाजी की गलियों में दौड़ा-दौड़ा कर लोगों को पीटा। लोगों ने सैकड़ों गाड़ियों के शीशे तोड़े।

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तुगलकाबाद में वन क्षेत्र में स्थित इस मंदिर को 10 अगस्त को तोड़ा गया था, जिसको लेकर रविदास समाज में रोष है। बुधवार को रामलीला मैदान में रैली के बाद हजारों लोग लाठी-डंडा, सरिया, चिमटा लेकर सड़क पर उतरे। पंजाब, हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों से जुटी भीड़ ने मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए तुगलकाबाद का रुख किया। भीड़ कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, इंडिया गेट, निजामुद्दीन, आश्रम, मोदी मिल होते हुए अंबेडकर नगर तक गई। अंबेडकर नगर में पुलिस से भिड़ंत हो गई।