नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्र को पोलीविनील क्लोराइड (पीवीसी) पाइप में इस्तेमाल होने वाले लेड का मानक दो महीने में तय करने का निर्देश दिया है। आमतौर पर इमारतों में प्लास्टिक की इस पाइप का इस्तेमाल किया जाता है। एनजीटी प्रमुख न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को निर्धारित अवधि के अंदर एक मसौदा अधिसूचना को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है।

पीठ ने कहा, 'हमने पाया है कि एक बार जब विशेषज्ञ समिति ने 13 दिसंबर 2018 को मसौदा अधिसूचना जारी करने की सिफारिश कर दी तो फिर इसके प्रकाशन में और विलंब करने और पर्यावरण के लिए इस तरह के संवेदनशील विषय को अंतिम रूप देने में देरी करने की कोई वजह नहीं है।'

गौरतलब है कि एनजीटी को यह जानकारी दी गई थी कि पीवीसी पाइप से होकर गुजरने वाले जल में लेड जैसे जहरीले पदार्थ हो सकते हैं जिसका मानव स्वास्थ्य पर खतरनाक असर पड़ता है। पीठ पर्यावरण कार्यकर्ता अजय कुमार सिंह की एक याचिका पर सुनवाई कर रही है।

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