नई दिल्ली। पाकिस्तान कैबिनेट ने तीन दिन पहले करतारपुर पर दस सदस्यों की एक समिति बनाई थी। इस समिति में गोपाल चावला जैसे अन्य विवादस्पद नाम शामिल हैं। जो लश्कर-ए-तैयबा और बिशेन सिंह के साथ जुड़े हुए हैं। भारत ने इस पर पाकिस्तान के दूत को तलब कर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है।

सरकारी सूत्रों ने कहा है कि हम सुरक्षा में कोई कमी नहीं कर सकते। भारत को उम्मीद है कि पाकिस्तान सुरक्षा चिंताओं को दूर करेगा। हम इस मुद्दे पर संतोषजनक प्रतिक्रिया मिलने के बाद खुलकर चर्चा करने को तैयार हैं। हम खुद भी सार्थक तरीके से निष्कर्ष निकालना चाहते हैं। भारत ने प्रस्ताव रखा है कि रोजाना 5000 से अधिक तीर्थयात्रियों और विशेष दिनों में 15,000 लोगों को जानें की अनुमति हो। ये कॉरिडोर सभी धर्मों के लिए है।

बता दें कि, ओसीआई कार्ड धारकों के लिए भी कॉरिडोर उपलब्ध है, जिसके लिए पाक सहमत नहीं है। साथ ही भारत ने मांग की है कि कॉरिडोर को सभी सातों दिन खोला जाए। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि करतारपुर कॉरिडोर को भारत विरोधी गतिविधियों सहित अलगाववादी गतिविधियों या प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। भारत चाहता है कि तीर्थ यात्री पूरी सुरक्षा के साथ सुरक्षित तरीके से यात्रा करें।

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