नई दिल्ली। दिल्ली के आसमान में जहरीली धुंध छा गई है। इस साल जनवरी के बाद पहली बार दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बिगड़कर आपात स्थिति में पहुंच गई। हालात को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश में बने पैनल को दिल्ली-एनसीआर में हेल्थ इमरजेंसी का एलान करना पड़ा और निर्माण गतिविधियों पर पांच नवंबर तक के लिए रोक लगा दी। दिल्ली सरकार ने भी पांच नवंबर यानी चार दिन के लिए स्कूलों को बंद कर दिया।

पर्यावरण प्रदूषण (निषेध व नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) पैनल ने शीत काल के दौरान पटाखों पर भी रोक लगा दी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) इमरजेंसी श्रेणी में पहुंच गया। इस साल जनवरी के बाद पहली बार यह स्थिति बनी है। शुक्रवार तड़के एक्यूआई इंडेक्स 504 पर जा पहुंचा था। 50 तकएक्यूआई अच्छा माना जाता है। 51 से 100 एक्यूआई को संतोषजनक, 101 से 200 को औसत, 201-300 को खराब, 301-400 को बहुत खराब और 401-500 को गंभीर और 500 से ऊपर को आपात श्रेणी में माना जाता है।

प्रदूषण का बड़ा कारण पराली जलाना

सरकारी एजेंसी सफर ने बताया कि शुक्रवार को दिल्ली में 46 प्रतिशत प्रदूषण पंजाब और हरियाणा में पराली जलाए जाने के कारण हुआ। इस साल यह पराली के कारण प्रदूषण सर्वाधिक है। दिल्ली के एक तरह से गैस चैंबर में तब्दील होने की समस्या से जूझ रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 5 नवंबर तक सभी स्कूल बंद करने का एलान किया है। शहर में वाहनों के लिए ऑड-ईवन स्कीम चार नवंबर से शुरू होगी जो एक पखवाड़े तक रहेगी।

बच्चों से कहा-कैप्टन व खट्‌टर अंकल को खत लिखो

केजरीवाल ने बच्चों को भेजे एक संदेश में उनसे आग्रह किया है कि वे कैप्टन अंकल (पंजाब के मुख्यमंत्री) और खट्‌टर अंकल (हरियाणा के मुख्यमंत्री) को खत लिखें और उनसे कहें-कृपया हमारी सेहत के बारे में सोचें। उल्लेखनीय है कि हरियाणा व पंजाब में किसानों द्वारा पराली जलाए जाने के कारण दिल्ली में जहरीली धुंध छा जाती है।

ईपीसीए ने चेताया

ईपीसीए के चेयरपर्सन भूरेलालनने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उप्र के मुख्य सचिवों को खत लिखककर हालात के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली और एनसीआर में हवा की गुणवत्ता गुरुवार रात से बिगड़ी है और अब यह आपात स्थिति में पहुंच गई है। इसे हेल्थ इमरजेंसी कहा जाएगा क्योंकि इसका हम सभी विशेष रूप से बच्चों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इस हालात में दिल्ली, फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा व ग्रेटर नोएडा में पांच नवंबर तक निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी।

Posted By: Arvind Dubey

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