नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में भूख से तीन बच्चों की मौत मामले में केंद्र सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली के पूर्वी मंडावली इलाके में मंगलवार को दो, चार और आठ साल की तीन बहनें मृत मिली थीं।

प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण कुपोषण या भूख और उससे उत्पन्न विकारों को बताया गया है। इस बीच, आधिकारिक सूत्रों ने आम आदमी पार्टी (आप) के उन दावों को खारिज कर दिया कि राज्य सरकार की प्रस्तावित घर-घर राशन पहुंचाने की योजना लागू होने से इस दुःखद घटना से बचा जा सकता था।

उन्होंने कहा कि उक्त परिवार सब्सिडी वाले राशन की श्रेणी में नहीं था क्योंकि उसके पास राशन कार्ड ही नहीं था। सूत्रों ने कहा कि राशन कार्ड के लिए मानदंड तय करना राज्य सरकार का कार्य है। यही नहीं खाद्यान्न का वितरण भी राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, केंद्र सरकार का काम तो सिर्फ राज्य के गोदामों तक सब्सिडी वाले खाद्यान्न को पहुंचाना है।

लोकसभा में गूंजा मामला-

इस मामले की गूंज गुरुवार को लोकसभा में भी सुनाई दी। भाजपा सदस्यों ने मामले को उठाते हुए इस दुःखद घटना के लिए दिल्ली की आप सरकार को जिम्मेदार ठहराया। भाजपा के रमेश विधूड़ी, प्रवेश वर्मा और महेश गिरी ने दावा किया कि दिल्ली में राशन घोटाला हुआ है जिसकी वजह से गरीबों तक सब्सिडी वाला खाद्यान्न नहीं पहुंच पा रहा है। विधूड़ी ने कहा कि जिस इलाके में यह घटना हुई वह दिल्ली के उपमुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र है।

"दिल्ली में भूख से मौतों को देखना दुर्भाग्यपूर्ण"-

कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा ने इस घटना के लिए दिल्ली और केंद्र सरकार दोनों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में से एक की राजधानी दिल्ली में भूख से मौतों को देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह बिल्कुल अस्वीकार्य है।"

राज्यसभा में जताई घटना पर चिंता-

राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। प्रश्नकाल के दौरान बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा ने पूछा कि क्या सरकार ने इस गंभीर घटना पर संज्ञान लिया है। इस पर संसदीय कार्य राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन यह देखना भी जरूरी है कि यह किन परिस्थितियों में घटित हुई और क्या वास्तव में भूख ही इनका कारण है। उनके जवाब से सतीश मिश्रा संतुष्ट नहीं हुए। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने इसे बेहद गंभीर मसला बताते हुए इस पर चर्चा की मांग की।

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