नई दिल्ली। 'देश की वर्तमान और भविष्य में आने वाली परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमें अपनी वर्तमान शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन करने की जरूरत है। हमें ऐसी वर्तमान शिक्षा की आवश्यकता है जो समय के अनुकूल हो।' स्वामी विवेकानंद की राष्ट्रीयता से ओतप्रोत यह बातें हमेशा प्रासंगिक रहेंगी। राष्ट्रीयता के प्रतीक स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में जल्द होगा।

स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा के ठीक सामने है और उससे साढ़े तीन फुट ऊंची है। यह प्रशासनिक भवन के पास बाईं तरफ लगी है। इसे लगाने का खर्च जेएनयू एलुमनी ने उठाया है, जिसमें 10 से ज्यादा पूर्व छात्र शामिल हैं। इसे तैयार करने में करीब 25 लाख रुपये का खर्च आया है। शिक्षकों ने बताया कि स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को लगाने का दायित्व दयाल सिंह कॉलेज के राजनीतिक विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार ने उठाया है। वह जेएनयू के एलुमनी हैं। प्रतिमा का अनावरण कब होगा, इसका फैसला जेएनयू प्रशासन करेगा।

छह महीने में हुई तैयार

जेएनयू प्रशासन ने कार्यकारी परिषद की बैठक में वर्ष 2017 में प्रस्ताव पारित किया था कि स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा कैंपस में स्थापित की जाएगी। दयाल सिंह कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि गुरुग्राम के मूर्तिकार नरेश कुमार कुमावत ने यह प्रतिमा छह महीने में तैयार की है। मनोज ने 2001 से 2010 तक जेएनयू में एमए, एमफिल एवं पीएचडी की थी। कांस्य और स्टील का किया गया है इस्तेमाल : मूर्तिकार नरेश कुमार कुमावत बताते हैं कि स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का वजन करीब 700 किलोग्राम है। इसमें कांस्य, स्टील और फाइबर का इस्तेमाल किया गया है।

Posted By: