केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दिल्ली के शाहीनबाग में सड़क रोककर दो महीने से ज्यादा वक्त से प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं है जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बुधवार को ही इस मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई होना है। इसलिए अभी सुनवाई की जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अभी सुनवाई के लिए माहौल ठीक नहीं है, इसलिए होली के बाद सुनवाई होगी। अगली सुनवाई 23 मार्च तय की गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकारों ने अपनी रिपोर्ट भी पेश कर दी है।

बता दें कि याचिकाओं में शाहीनबाग के प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए केंद्र और अन्य को निर्देश दिए जाने की मांग की गई है। इसके पूर्व 10 फरवरी को जस्टिस संजय किशन कौर और जस्टिस केएम जोसेफ की दो सदस्यीय बेंच ने इसे लेकर केंद्र, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था।

प्रदर्शनकारियों ने भी सुरक्षा के लिए लगाई है याचिका

नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के कई इलाकों में हिंसा हो चुकी है। ऐसे में नागरिकता कानून के खिलाफ शाहीनबाग में प्रदर्शन करने वाले लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी सुरक्षा की मांग की है। इस पर भी आज सुनवाई की जाएगी। बता दें कि विरोध प्रदर्शन करने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं।

इसके अलावा मंगलवार को भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद, वजाहत हबीबुल्लाह और बहादुर अब्बास नकवी ने याचिका लगाकर उस पर तत्काल आदेश देने की मांग की है।

शाहीनबाग में प्रदर्शन है जारी

CAA के खिलाफ दिल्ली के शाहीनबाग में लगभग ढाई महीने से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने शाहीनबाग की मुख्य सड़क को रोक रखा है जिससे लाखों लोग रोजाना परेशान हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी सरकार से CAA को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदर्शनकारियों से वार्ता के लिए वार्ताकार नियुक्त किए गए थे लेकिन उससे भी बात नहीं बनी।

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