नई दिल्ली। संशोधित मोटर वाहन कानून-2019 लागू होने के बाद ट्रैफिक पुलिस द्वारा नियम तोड़ने पर वसूले जा रहे भारी जुर्माने से गुस्साए दिल्ली-एनसीआर के ट्रांसपोरर्टर्स गुरुवार को हड़ताल पर रहे। सुबह से ही इस हड़ताल का व्यापक असर नजर आया और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम रही।

सुबह दफ्तर जाने वालों को हड़ताल की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, बसों के आने के बाद लोगों ने मेट्रो का सहारा लिया लेकिन इस वजह से कईं लोगों को दफ्तर पहुंचने में देरी हो गई। डीटीसी बसों में भी रोज के मुकाबले ज्यादा भीड़ नजर आई।

बता दें कि नए नियमों के तहत कई गुना बढ़ा जुर्माना, वाहनों की बढ़ी बीमा राशि व आरएफआइडी टैग की अनिवार्यता है और इन्हीं मुद्दों को लेकर ट्रक, टेंपो, बस, ऑटो, कैब, टैक्सी, स्कूल बस, स्कूल कैब व अन्य व्यावसायिक वाहनों के 42 संगठनों ने हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की है।

हालांकि, एंबुलेंस व आवश्यक सामानों की ढुलाई करने वाले वाहन इसमें शामिल नहीं होंगे। हड़ताल को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर के कई निजी स्कूल गुरुवार को स्कूल बंद रखेंगे।

यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के महासचिव श्याम लाल गोला ने कहा कि हड़ताल शांतिपूर्ण तरीके से होगी। जो वाहन चलाना चाहेंगे, उन्हें नहीं रोका जाएगा। चेम्सफोर्ड क्लब में व्यावसायिक वाहन एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक में यह फैसला लिया गया है। हड़ताल के बाद भी अगर केंद्र व राज्य सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो दो दिन बाद फिर से सभी संगठनों की बैठक कर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की घोषणा हो सकती है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक सुस्ती से काम में कमी आई है। नए कानूनी प्रावधानों से वाहन चालकों से कई गुना जुर्माना वसूला जा रहा है। दिल्ली में ही ट्रकों से दो लाख रुपये तक का जुर्माना वसूला गया। दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट आर्गनाइजेशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों ने मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था। जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के बावजूद सरकारों ने ध्यान नहीं दिया, इसलिए हड़ताल को मजबूर होना पड़ा। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के व्यावसायिक वाहन संगठनों ने भी इसमें शामिल होने की घोषणा की है।

कुछ संगठन हड़ताल से रहेंगे दूर

व्यावसायिक वाहनों के कुछ संगठन हड़ताल से दूर रहेंगे। दिल्ली टैक्सी, टूरिस्ट, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि हड़ताल केंद्रीय परिवहन मंत्री से बात किए बिना हो रही है, जबकि कोशिश यह होनी चाहिए थी कि पहले अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाते। हमारे संगठन से जुड़ीं काली-पीली टैक्सी, टूरिस्ट टैक्सी, ट्रैवेलर और टूरिस्ट बसें चलेंगी। तोड़फोड़ की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक से व्यावसायिक वाहनों को सुरक्षा देने की मांग की है।

Posted By: Ajay Barve