हसीन शाह, गाजियाबाद। अलीगढ़ स्थित एक मदरसे में दी जा रही यातना से तंग आकर आठ वर्षीय मासूम वहां से भागकर गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंच गया। एक एनजीओ ने बच्चे को जीआरपी को सौंपा। बच्चे ने पुलिस को बताया कि वह अपने दोस्त के साथ मदरसे से भागा था, लेकिन दोस्त का पता नहीं है। जीआरपी ने बच्चे को अभिभावकों को सौंप दिया है। बच्चे का आरोप है कि मौलाना ने डंडे से कंधे पर बुरी तरह मारा, जिससे सूजन आ गई है।

यह है पूरा घटनाक्रम

अलीगढ़ निवासी महिला को तीन बेटियां व एक बेटा है। महिला ने कुछ दिन पहले अपने आठ वर्षीय बेटे का दाखिला अलीगढ़ के एक मदरसे में कराया था। शुक्रवार रात बच्चा अपने दोस्त के साथ मदरसा की छत से नीचे कूद गया। दोनों दोस्त पैदल अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और दिल्ली जाने वाली ट्रेन में बैठ गए। रास्ते में दोनों को अनजान व्यक्ति मिला जो उन्हें जबरन साथ ले जाने लगा। मगर, महिला का बेटा भाग गया और फिर उसी ट्रेन में बैठ गया।

स्‍टेशन पर ऐसे मिले

बच्चा गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर उतर गया और रोता हुआ सलाम बालक ट्रस्ट नामक एनजीओ को मिला। एनजीओ ने जीआरपी को जानकारी दी और बच्चे को शेल्टर होम भेज दिया। एनजीओ ने बच्चे के परिजनों को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर बुलाया। बच्चे को परिजनों को सौंप दिया गया। दूसरे बच्चे के बारे में जानकारी की जा रही।

ऐसे देते थे प्रताड़ना

बच्चे ने GRP को बताया कि मदरसे में मौलाना सबक याद न होने पर हाथ उल्टा कर डंडे से पिटाई करते थे। तीन दिन पहले मौलाना ने उसके कंधे में डंडे मारे थे, जिससे कंधे में सूजन आ गई थी।

बच्चा मदरसा में दी जा रही यातनाओं से तंग आकर रेल के जरिये गाजियाबाद स्टेशन पर पहुंचा था। वह स्कूल में पढ़ना चाहता है। हम उसका दाखिला स्कूल में कराएंगे और उसकी पढ़ाई का खर्च भी वहन करेंगे।

-अशोक कुमार सैनी, कोऑर्डिनेटर, NGO