नोएडा। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में प्रस्तावित जेवर एयरपोर्ट के निर्माण में देरी होने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि पर्यावरण मंत्रालय की एक विशेषज्ञ समिति ने परियोजना को यह कहते हुए टालने की सिफारिश की है कि इसने पर्यावरण के कई पहलुओं को पूरा नहीं किया गया है।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की विशेषज्ञ आकलन समिति (ईएसी) ने एयरपोर्ट को विकसित कर रहे नागर विमानन निदेशालय, उप्र सरकार से पौधारोपण योजना और जलाशयों को बहाल करने के संबंध में सवाल करते हुए 7291 करोड़ रुपये की परियोजना को फिलहाल टाल दिया है।

समिति ने कहा कि ईएसी ने परियोजना को लेकर मुहैया कराई गई सूचना पर विचार-विमर्श किया गया। परियोजना को लेकर सौंपी गई पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) रिपोर्ट में पाया गया कि प्रस्तावित एयरपोर्ट पर्यावरण के पहलुओं को कवर नहीं करता है। उसने उप्र सरकार को परियोजना में वनीकरण की योजना और वन विभाग से पेड़ों को काटने की अनुमति की स्थिति के बारे में जानकारी देने को कहा है।

समिति ने जलाशयों को बहाल करने की योजना, भारतीय वन्य जीव संस्थान के साथ परामर्श से जीव-जंतुओं के लिए संरक्षण की योजना के बारे में भी बताने को कहा है।

कमेटी ने कहा है कि टिप्पणी पर गौर करते हुए ईएसी ने प्रस्ताव को टालने की सिफारिश की है। उपरोक्त सभी बातों के समाधान के बाद प्रस्ताव पर फिर से विचार किया जाएगा। प्रस्तावित एयरपोर्ट आइजीआई एयरपोर्ट से करीब 70 किमी की दूरी पर स्थित है।

Posted By: Yogendra Sharma

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