नई दिल्ली। पहाड़ी इलाकों में बारिश के बाद यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी दिल्ली पहुंच रहा है और इसके साथ ही राजधानी में यमुना का जल स्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया है। जैसे-जैसे जलस्तर बढ़ता जा रहा है बाढ़ का पानी राजधानी के कईं इलाकों में पहुंच रहा है।

बढ़ते जलस्तर की वजह से अब तक आईएसबीटी के अलावा निगमबोध घाट, पुराना उस्मानपुर गांव, गड़ी मंडू गांव, दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ने से वह खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसे देखते हुए रेलवे ने लोहे के पुराने पुल पर रात नौ बजे रेल का परिचालन बंद कर दिया।

अपर यमुना डिविजन के अनुसार बुधवार दोपहर 1 बजे से 5 बजे के बीच यमुना का जलस्तर 207 मीटर के ऊपर तक जाने का अनुमान है, जो खतरे के निशान से काफी ज्यादा है। अगर ऐसा होता है तो यह बाढ़ का पानी सड़क तक पहुंच जाएगा और इस वजह से परेशानी बढ़ जाएगी।

लगाए गए राहत शिविर

जिला प्रशासन ने रविवार रात को ही सड़कों के फुटपाथ और सुरक्षित स्थानों पर राहत शिविर लगाने शुरू कर दिए थे। अब तक इनमें हजारों लोग शिफ्ट किए जा चुके हैं। शिविर में रहने वाले लोगों को प्रशासन दो वक्त का भोजन देगा। प्रशासन ने यमुना किनारे सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स व दिल्ली पुलिस के जवान तैनात किए हैं राहत कैंप के लिए 2120 टेंट लगाए गए हैं। सभी फोर्स मिलकर काम कर रहे हैं। सरकार की तरफ से हेल्पलाइन नबर 01122421656, 01121210849 शुरू किए गए हैं।