Delhi Violence: राजधानी दिल्ली में जारी हिंसा पर बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट के सामने हिंसा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को रखा गया, जिसमें भाजपा नेता कपिल मिश्रा का बयान और चांदपुर में आईबी के अधिकारी की हत्या भी शामिल रहे। कोर्ट ने कहा कि देश में एक बार फिर 1984 जैसे हालात नहीं होने दिए जा सकते हैं। वहीं आईबी अधिकारी की हत्या पर जजों ने कहा कि इस मामले में भी जांच की जरूरत है।

कोर्ट ने IB अफसर का शव मिलने पर चिंता जताई और कहा यह बेहद दुखद है। कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार के जिम्मेदारों को पीड़ितों और उनके परिवारों से व्यक्तिगत तौर पर मिलने का भी कहा। कोर्ट ने पीड़ितों को तत्काल मदद के लिए हेल्पलाइन शुरू करने का भी कहा है। इसके साथ ही पीड़ितों के लिए प्राइवेट एंबुलेंस का इंतजाम करने को भी कहा गया। इसके साथ ही मूलभूत सुविधाओं के साथ शेल्टर्स स्थापित करने का भी कहा गया है।

इससे पहले नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली में उपद्रवियों ने जमकर आतंक मचाया है। सूबे के बिगड़े हालातों के मद्देनजर दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार देर रात एक याचिका पर सुनवाई की थी। इस दौरान कोर्ट ने निर्देश दिया कि हिंसा में घायल हुए लोगों को मुस्तफाबाद के अल-हिंद हॉस्पिटल से निकालकर दूसरे नजदीकी अस्पतालों में भेजा जाए। आधी रात को जस्टिस एस मुरलीधर और जस्टिस ए जे भंभानी ने निवास पर यह तत्काल सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने आदेश दिया कि सभी घायलों को GTB या फिर दूसरे नजदीकी हॉस्पिटल में इलाज के लिए तत्काल शिफ्ट किया जाए।

यह याचिका डॉक्टर्स और डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर राहुल रॉय द्वारा लगाई गई थी जिसमें दिल्ली सरकार और पुलिस से हिंसा प्रभावित इलाकों में विजिट के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई थी। इसमें अल-हिंद हॉस्पिटल को भी शामिल किया गया था।

याचिकाकर्ताओं ने तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए याचिका दायर की थी, जिसे पहले जस्टिस जीएस सिसतानी की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने मेंशन किया गया था। याचिका में कहा गया था कि कुछ गुंडों ने उनकी एंबुलेस को रोका और धमकाया और वापस लौटने को मजबूर किया।

सुनवाई के दौरान एडिशनल स्टैंडिंग कमेटी काउंसिल संजय घोष और दिल्ली पुलिस के अफसरों ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि घायलों को बेहतर इलाज दिलाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे। इस दौरान दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने कहा कि अल हिंद अस्पताल से 20 से ज्यादा घायलों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया जा चुका है, वहीं अन्य घायलों को भी जल्द शिफ्ट कर दिया जाएगा।

Posted By: Neeraj Vyas