Delhi Violence: दिल्ली में हुई हिंसा के बीच भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने वाली जनहित याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता दिल्ली पुलिस का पक्ष रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ तीन भड़काऊ भाषणों को चुनकर कार्रवाई करने की मांग करना सही नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिन बयानों को सामने लाया गया है वह 1 से 2 महीने पहले दिए गए थे। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस द्वारा हालातों को सामान्य करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने की जानकारी भी सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को दी।

सॉलिसिटर जनरल मेहता ने कोर्ट के समक्ष कहा कि दिल्ली पुलिस को कार्रवाई के लिए और समय चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह कोर्ट तय करे कि इस मामले में केंद्र को पार्टी बनाना है या नहीं।

SG तुषार मेहता ने यह भी कहा कि हमारे पास इन तीन हेट स्पीच के अलावा भी कई अन्य ऐसी क्लिप्स हैं जिनमें भड़काऊ भाषण दिए गए हैं, इसे लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। बता दें कि भाजपा नेताओं कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के भाषणों के आधार पर यह याचिका दायर की गई है।

वहीं दूसरी ओर दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने कहा कि बुधवार को कोर्ट ने सिर्फ तीन वीडियो के बारे में नहीं कहा था। कोर्ट ने सभी हेट स्पीच के बारे में कहा था।

जस्टिस एस. मुरलीधर का हुआ तबादला

दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस एम मुरलीधर का बुधवार शाम अचानक तबादला हो गया। वे दिल्ली हिंसा को लेकर सुनवाई कर रहे थे। उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट भेजा गया है। राष्ट्रपति भवन से जस्टिस एस. मुरलीधर के तबादले की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

Posted By: Neeraj Vyas