नई दिल्ली। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में बढ़ी फीस के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन थमा नहीं है। आज इसी के तहत छात्र जेएनयू से संसद तक पैदल मार्च निकाल रहे हैं और इसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले ही धारा 144 लागू कर दी गई है। हालांकि, इसके बावजूद छात्र सड़क पर उतरे हैं और बैरिकेड्स को तोड़ते हुए संसद की तरफ बढ़ रहे हैं। संसद के शीतकालीन सत्र का आज पहला दिन है और ऐसे में यह मार्च काफी अहम हो जाता है।

हालांकि, सरकार पहले ही बढ़ी फीस वापिस लेने की बात कह चुकी है वहीं जेएनयू के वाइस चांसलर जगदीश कुमार ने भी वीडियो संदेश जारी कर छात्रों से अपील की है कि वो अपनी कक्षाओं में लौट जाएं क्योंकि परीक्षाएं नजदीक हैं। जेएनयू की वेबसाइट पर नजर आ रहे इस वीडियो में उन्होंने छात्रों से यह भी अपील की है कि उन्हें चिंतित अभिभावकों के ई-मेल आ रहे हैं और छात्र इसी तरह हड़ताल पर अड़े रहे तो उनके भविष्य को नुकसान होगा। वीसी की इस अपील के बावजूद छात्रों ने यह मार्च निकाला है और नारेबाजी करते हुए संसद की तरफ बढ़ रहे हैं।

बता दें कि 28 अक्टूबर को जेएनयू प्रशासन ने इंटर हॉल एडमिनिस्ट्रेशन (आईएचए) की कमेटी में छात्रावास के नए नियमों को लागू करते हुए सभी छात्रों के लिए छात्रावास की फीस बढ़ोतरी लागू कर दी थी। इन छात्रों को बिजली-पानी का बिल और सर्विस चार्ज भी देना अनिवार्य कर दिया गया था। इसमें जूनियर रिसर्च फेलोशिप, सीनियर रिसर्च फेलोशिप व अन्य छात्रवृत्ति पाने वाले छात्रों एवं बीपीएल श्रेणी के छात्रों को भी शामिल किया गया था।

छात्रों के लगातार विरोध के बाद 13 नवंबर को जेएनयू प्रशासन ने गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी (बीपीएल) के छात्रों को छात्रावास की फीस में रियायत दे दी थी। देर शाम मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के सचिव आर सुब्रमण्यम ने भी सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी थी। बीपीएल छात्रों को अकेले के लिए कमरा लेने के लिए 300 रुपये प्रति महीने देने होंगे, जबकि दो बेड के कमरे में रहने लिए 150 रुपये प्रति महीने देने होंगे। बिजली-पानी आदि के सर्विस चार्ज, मैस सर्विस, साफ-सफाई व सहायक कर्मचारी सेवा जैसे शुल्क में 50 फीसद रियायत दी जाएगी।

Posted By: Ajay Barve