अमरोहा। दिल्ली में हुई हिंसा के बाद शुक्रवार को हालात सामान्य होते नजर आए लेकिन इस पूरी हिंसा में विलेन बनकर सामने आए ताहिर हुसैन का की तलाश जारी है। ताहिर हुसैन पर IB कॉन्टेबल की हत्या का मामला दर्ज हुआ है वहीं उसके घर की छत से पेट्रोल बम, पत्थर और हिंसा फैलानी वाली कई चीजें बरामद हुई हैं। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने उसे प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है लेकिन वो अब तक फरार है। राजधानी में हुई हिंसा के मामले में चर्चा में आया आप पार्षद ताहिर हुसैन मूलरूप से उप्र के अमरोहा के गांव पौरारा का रहने वाला है।

गुरुवार शाम टीवी चैनल व सोशल मीडिया पर उसके घर की छत से पेट्रोल बम, तेजाब की बोतलें बरामद होने और उपद्रव में शामिल होने की जानकारी लगी तो ग्रामीण स्तब्ध रह गए। मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। गांव पौरारा का रहने वाला ताहिर बीस साल पहले दिल्ली मजदूरी करने गया था। कुछ समय बाद पिता कल्लू उर्फ कल्लन सैफी भी परिवार के साथ दिल्ली में बेटे के पास पहुंच गए।

गांव के पूर्व प्रधान जयपाल सिंह बताते हैं कि दिल्ली में रहते हुए ताहिर हुसैन ने कुछ वर्ष पहले गांव के अपने पुश्तैनी मकान को भी बेच दिया था। उसकी गांव में कुछ आवासीय भूमि खाली पड़ी हुई है। ताहिर साल में एक-दो बार पौरारा आता रहता था। फिलहाल करीब सालभर से वह गांव नहीं आया है।

उसका एक तहेरा भाई गांव में स्कूल चलाता है। दिल्ली में ताहिर हुसैन ने अपने कारोबार को स्थापित करने के साथ ही राजनीति में भी पकड़ बना ली थी। गांव के लक्ष्मी नारायण गिरि बताते हैं कि ताहिर हुसैन अपने पांच भाइयों में बड़ा है। गांव में कृषि भूमि व कोई अन्य रोजगार न होने पर मजदूरी करने के लिए वह परिवार सहित दिल्ली चला गया था।

Posted By: Ajay Kumar Barve