भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने मध्यावधि चुनाव के संकेत क्या दिए पार्टी के नेता टिकट बांटने लगे। प्रदेश के एक पूर्व ओबीसी मंत्री ने तो सार्वजनिक सभा में तीन विधानसभा क्षेत्र की टिकटों की घोषणा कर दी। साथ में उन्होंने चेतावनी भी जारी कर दी कि टिकट तो इन तीनों को ही मिलेगा,अब जिसे पार्टी में रहना है वह रहे और जिसे ये चेहरे पसंद नहीं हैं वो पार्टी छोड़कर चला जाए। भाजपा के ये पूर्व मंत्री ऊंटपटांग बोलने में माहिर हैं। मंच पर गाली-गलौज से भी नहीं चूकते।

और मंत्री से नहीं बैठी पटरी : नई सरकार में मंत्री और अफसरों को एक-दूसरे से सामंजस्य बैठाना मुश्किल हो रहा है। यही कारण है कि कई विभागों में अफसर और मंत्री के बीच तनातनी चल रही है। ऐसा ही एक वाकया सतपुड़ा भवन में संचालित एक विभाग का है। यहां पदस्थ वरिष्ठ अफसर की मंत्री से पटरी नहीं बैठी, तो वे लंबी छुट्‌टी पर चले गए, जिससे उनकी शाखा की व्यवस्थाएं चरमरा गईं। ऐसे में ही मंत्री की तरफ से उनकी शाखा का काम भी बढ़ गया। अब प्रभार में चल रहे अफसर राम-राम रटकर समय काट रहे हैं, क्योंकि वे ओवरलोड हो रहे हैंऔर उन्हें शाखा के विषय में जानकारी भी नहीं है। वैसे तो साहब के अगले हफ्ते लौटने की चर्चा है, लेकिन जानकार बता रहे हैं कि साहब छुट्‌टी बढ़ा भी सकते हैं।

भीड़ देख मंत्रीजी को आया गुस्सा : आमतौर पर नेताओं को जब तक भीड़ न मिले तब तक उन्हें अच्छा नहीं लगता है पर एक मंत्री ऐसे हैं जिन्हें भीड़ मिल गई तो वे नाराज हो गए। वाकया मंत्रालय की लिफ्ट का है। मंत्रीजी को अपने कक्ष में जाना था। गफलत में वे उस लिफ्ट में चढ़ गए, जिससे अधिकारी-कर्मचारी और बाहर से आने वाले लोग आते-जाते हैं। मंत्रीजी को इसी लिफ्ट से पांचवें माले तक जाना पड़ा। लिफ्टमैन भी नहीं था, सो मंत्रीजी को गुस्सा आ गया। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्य सचिव को फोन लगा दिया और व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। मंत्री का मामला था तो मुख्य सचिव ने भी तत्काल सीपीए और मंत्रालय के व्यवस्थापकों को हड़का दिया। व्यवस्था में कितना सुधार होगा, यह तो बाद में पता लगेगा पर एक बार बात जरूर साफ हो गई कि सत्ता मिलते ही मंत्रियों के सुर बदल गए हैं। विवाद करने वाले मंत्री निमाड़ से आते हैं।

अंडा खाए फकीर.. मध्य प्रदेश में पार्टी की सदस्य संख्या बढ़ाने केलिए बुलाई गई बैठक में कुनबा बढ़ाने के लिए दिग्गज नेताओं ने खूब बढ़-चढ़कर बातें कीं और सभी जिलों को टारगेट दे दिए गए। बाद में जब सभी राष्ट्रीय सदस्यता प्रभारी से मुखातिब हुए तो सभी जिलों के सदस्यता टारगेट बढ़ाते हुए वे बोले कि मेरा माथा झुकना नहीं चाहिए। देशभर में इज्जत का सवाल है इसलिए सभी जिलों में पूरी ताकत झोंक दो। इस पर बैठक में मौजूद एक वरिष्ठ नेता ने धीरे से चुटकी ली कि इसका सीधा मतलब है कि 'मेहनत हम करें और अंडा खाए फकीर।'