शिवराज सिंह चौहान

समय समूची मानव सभ्यता तथा इसके विकास की गणना की सर्वाधिक महत्वपूर्ण धुरी है। 'समय की शिला पर मधुर लेख कितने...’ यह हमारे लिए मात्र कविता की पंक्ति नहीं, बल्कि जीवन पर विश्वास कायम रखने का मंत्रोच्चार भी है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा साल आज (30 मई) पूरा हो रहा है, लेकिन बीते सात वर्षों की इस सरकार को वर्ष, महीने, सप्ताह, दिन या घंटे तो दूर, एक-एक सेकंड के सूत्र से भी गिन पाना संभव नहीं। बल्कि ऐसा करना इसके साथ अन्याय ही होगा। वजह इन सात वर्षों की वो अनगिनत उपलब्धियां और जनसेवा तथा देश प्रेम का अभूतपूर्व जज्बा है। 26 मई, 2014 से वर्तमान तक इस विशाल तथा महान भारत देश ने अनेक क्रांतिकारी और सकारात्मक बदलाव प्रत्यक्ष रूप से देखे हैं। ये क्रम आज भी जारी है, और वो भी कुछ इस तरह कि उम्मीदों तथा जरूरतों के अनुरूप प्रयासों के इस स्थायित्व ने सारी दुनिया को हैरत के साथ तेजी से आगे बढ़ते भारत की तरफ देखने पर विवश कर दिया।

इस अवधि में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जितनी भी उपलब्धियां गिनाई जाएं, वे कम ही हैं। फिर बात केवल असंख्य सफलताओं या उतने ही कीर्तिमानों की नहीं है। बात यह भी है कि किस तरह इस सरकार ने अपने एक-एक कदम और प्रत्येक निर्णय से इस देश के भाग्य विधाता अर्थात जनता के गणतंत्र के प्रति कमजोर होते विश्वास को फिर हरा-भरा कर दिया। यह भी समूचे विश्व के लिए उल्लेखनीय रहा कि कैसे इस शासन में भारत एवं भारतीयता के युगल स्वरूप को न सिर्फ फिर से कायम करने बल्कि उनमें और अधिक ऊर्जा भरने का काम भी किया गया है। वस्तुत:, कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए रास्ता प्रशस्त करना और अदालत के निर्णय पर शांति के साथ सफलता से क्रियान्वयन का मामला हो या फिर समान नागरिक संहिता की दिशा में मोदी सरकार के बढ़ते कदम हों, यह सब इस राष्ट्र की अस्मिता के गौरव को कायम रखने के महा-अनुष्ठान के रूप में सफल सिद्ध हुए हैं।

इस सही अर्थों वाली लोक कल्याणकारी शासन पद्धति ने जहां उज्ज्वला योजना के जरिये महिलाओं को धुएं और घुटन से मुक्ति दिलाई, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ों की आबादी को छत का अधिकार भी दिलाया गया। कांग्रेस तथा उसकी विचारधारा पर चली सरकारों ने देश की अर्थव्यवस्था को अनर्थ के गर्त में धकेल दिया था। मोदीजी की सरकार ने काले धन पर अंकुश और जीएसटी सहित निर्यात में वृद्धि के सफल प्रयास कर इस दिशा में सुधार कर दिखाया है। जनधन योजना के तहत गरीबों के लिए बैंक खातों की सम्मानजनक व्यवस्था हो या हो सर्जिकल स्ट्राइक के माध्यम से देश के शत्रुओं को उनकी हद बता देने का विषय, केंद्र की वर्तमान सरकार ने कड़े और कई बार अप्रिय लगने वाले फैसले लेने और उन पर पूरी ताकत से अमल करते हुए देश का माथा गर्व से ऊंचा कर दिखाया है। करीब तीन दशक की राजनीतिक अस्थिरता भुगतने के बाद मोदी सरकार का यह दशक देश के हिस्से में आई तमाम कमियों की भरपाई कर रहा है।

कोरोना के इस आपदा काल में भारत यदि भारी तबाही से खुद को बचा सका है, तो इसका बड़ा श्रेय माननीय मोदी जी के पहले कार्यकाल में बड़े पैमाने पर चलाए गए 'स्वच्छ भारत अभियान' को दिया जा सकता है। गांव से लेकर शहर तक आज देश कचरे के ढेरों से मुक्त है। गांधी जी ने यदि स्वच्छता पर जोर दिया था तो इसे संयोग ही कहेंगे कि गुजरात के ही एक दूसरे सपूत नरेंद्र भाई ने इस सपने को पूरा करने का बीड़ा उठाया। दृढ़ता से काम करने की मोदी जी की आदत का ही यह परिणाम हुआ कि दुनिया में जब कोरोना पहली लहर के दौरान कहर बरपा रहा था, तब देश में एक लंबा लाकडाउन लगाकर देश को इस अज्ञात बीमारी से लड़ने के लिए तैयार कर लिया।

कोरोना की दूसरी लहर पूरी दुनिया में ही भयावह तस्वीर लेकर आई। हमारा देश भी इससे अछूता नहीं रहा, लेकिन हमने दूसरे देशों के मुकाबले काफी बेहतर कर दिखाया। हमारे यहां तमाम दुश्वारियों के बावजूद मृत्यु दर कई विकसित देशों से भी बहुत कम रही। यह मोदी जी के सफल नेतृत्व का परिणाम रहा कि भारत अब इस महामारी पर काबू पाता जा रहा है। इसका एक बड़ा कारण मुझे यह भी लगता है कि जनता के बीच राजनीतिक नेतृत्व के प्रति विश्वसनीयता का जो अभाव लगातार बढ़ता जा रहा था, माननीय प्रधानमंत्री ने उस अविश्वास को तोड़कर एक नया भरोसा जनता में पैदा किया है। लंबे समय बाद भारतीय जनता पार्टी देश को नरेंद्र भाई के रूप में एक ऐसा नेता देने में सफल हुई है, जिसने अपने देश की जनता का अगाध विश्वास हासिल किया है।

ये उपलब्धियां तो एक मिसाल मात्र हैं। पहले के पांच और वर्तमान के दो साल के दौरान भारतवर्ष इस तरह के अनगिनत गौरवमयी तथा सार्थक सोपानों का गवाह बन चुका है। और जिस सधी हुई व सतत गति से ये सरकार आगे बढ़ रही है, उससे यह विश्वास प्रबल होता जाता है कि इस देश को जनकल्याण और विश्व में सम्मान दिलाने की दिशा में अभी और बहुत कुछ हासिल करना है। विकास तथा विश्वास का यह क्रम आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनहितैषी तथा व्यापक कल्याण वाली सोच के चलते ही संभव हो सका है। 'मोदी है तो मुमकिन है' अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि वह दृढ़ विश्वास बन चुका है, जिस पर देश के सर्वांगीण विकास वाले अभेद्य दुर्ग की नींव अब रखी जा रही है। मोदी जी के नेतृत्व में देश-प्रदेश लगातार आगे बढ़ेंगे, यह विश्वास व्यक्त करने में मुझे रंच मात्र भी संदेह नहीं है। देश के वैश्विक गौरव का पर्याय बने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दूसरे कार्यकाल के सफल दो वर्ष पूरे होने पर शुभकामना देकर हम सभी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

(लेखक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।)

Posted By: Prashant Pandey