प्रेरणा कुमारी

जहां एक तरफ जस्टिस फॉर अंकिता ट्रेंड कर रहा है और उस दुख से अभी देश उबरा भी नहीं था वहीं दूसरी ओर दिल्ली में एक और चौंकाने वाली घटना सामने आ जाती हैं जहां 16 साल की नैना मिश्रा नाम की बच्ची को अरमान अली ने दिनदहाड़े गोली मार दी। जिस तरह की मनमानी आज देश में हो रही है और जहां हिंदू बच्चियों को इसका शिकार बनाया जा रहा है यह बेहद दिल दहलाने वाली और विचारणीय घटना है। इन घटनाओं के साथ ही एक बड़ा सवाल हमारे सामने उठ खड़ा होता है कि हिंदू बच्चियों को बार-बार इस दरिंदगी का शिकार क्यों होना पड़ रहा है।

यह मामला दिल्ली के संगम विहार इलाके का है जहां नैना मिश्रा नाम की एक लड़की जोकि 11वीं कक्षा की छात्रा है। अरमान अली नामक लड़के से 2 साल पहले सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आई थी हालांकि उसने लगभग 6 महीने पहले उससे बात करना बंद कर दिया था और इसके बाद से अरमान उससे नाराज था। अरमान नैना के घर के आस-पास घूमता फिरता, उसका पीछा करता और उसे परेशान करने लगा। ब्लॉक होने पर अरमान अली काफी गुस्से में आ गया और अपने जिहादी मानसिकता के कारण उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर 25 अगस्त को जब नैना अपनी मां के साथ स्कूल से वापस आ रही थी तभी उसने दिनदहाड़े गोली चला दी। भगवान का लाख-लाख शुक्र है कि गोली लड़की के कंधे में लगी।

अस्पताल में भर्ती है नैना मिश्रा

नैना के पिता ने बताया कि डॉक्टर के अनुसार गोली हड्डियों के बीच फंसी हुई है डॉक्टर का कहना है कि अभी घाव भरने दिया जाएगा 6 महीने बाद सर्जरी कर गोली निकाली जाएगी। नैना को करीब से दो गोली मारी गई। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल नैना को लेकर उसकी मां एक राहगीर की मदद से अस्पताल पहुंची। कंधे में गोली लगी थी डॉक्टरों ने इलाज कर नैना की जान बचा ली। लेकिन गोली अभी भी उसके शरीर में फंसी हुई है।

पुलिस ने इस मुद्दे को पहले गंभीर रूप से नहीं लिया

उनके पिता ने कहा कि जून के अंतिम सप्ताह में इस संबंध में अरमान अली के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की गई थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते आरोपी का हौसला इतना बढ़ गया आज उसने मेरी बेटी को गोली मार दी। उसके पिता का कहना है कि अगर पुलिस समय पर आवश्यक कार्रवाई करती तो छात्रा पर हमला नहीं होता।

नैना ने पुलिस को सारी जानकारी दी

नैना ने पुलिस को बताया कि स्कूल से आते समय मोटरसाइकिल पर तीन लोग उसका पीछा कर रहे थे। संगम विहार बी ब्लॉक के पास उनमें से एक ने उस पर गोली चला दी और तीनों मौके से भाग गए उसने कहा कि वह एक हमलावर को जानती थी और उसकी पहचान अरमान अली के रूप में की जो इस घटना का मुख्य आरोपी है। नैना ने बताया कि वह अली से पिछले 2 साल से सोशल मीडिया के जरिए उसके संपर्क में थी लेकिन करीब 6 महीने पहले अरमान अली से उसने बात करना बंद कर दिया था लेकिन आरोपी अब भी उसका लगातार पीछा कर रहा था।

पुलिस के शिकंजे में आरोपी

दिल्ली पुलिस ने पहले अली का साथ देने वाले दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है उन आरोपियों के पास से दो देसी पिस्तौल और एक खाली कारतूस बरामद किया गया है। वहीं, अब पुलिस ने अरमान को भी अपने शिकंजे में ले लिया है और उन पर भारतीय दंड संहिता के तहत धारा 307 हत्या का प्रयास और धारा 34 के तहत आपराधिक गतिविधियों में लिप्त का मामला दर्ज किया गया है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड की नई रिपोर्ट के अनुसार देश में महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित स्थान है दिल्ली। जहां हर दिन दो नाबालिग लड़कियों से बलात्कार की बात सामने आई है। आंकड़ों की बात करें तो दिल्ली में 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 13,892 मामले दर्ज किए गए है, जिसमें 2020 के मुकाबले 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जहां 2020 में यह आंकड़ा 9,782 था। दिन-प्रतिदिन यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। केजरीवाल सरकार इस संबंध में कोई कड़े कदम क्यों नहीं उठा रही है? इस मामले में पिछले सप्ताह दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताई है और दिल्ली में ठोस कदम उठाने की जरूरत है। दिल्ली के अलावा देश भर में महिलाओं की स्थिति गंभीर है जहां अभी अंकिता के दर्द से हम उबरे भी नहीं थे कि नैना का दिल दहलाने वाला मामला सामने आ गया। आशा करती हूं कि, आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए और ऐसी मिसाल पेश की जाए जिससे कोई भी दोबारा इस प्रकार की दरिंदगी करने का दुस्साहस न कर सके।

(लेखिका प्रेरणा कुमारी स्वतंत्र लेखन में सक्रिय हैं)

Posted By: Navodit Saktawat

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