राज्यसभा में कश्मीर को लेकर मचे हंगामे के बीच लोकसभा में सरकार की ओर से दी गई यह जानकारी बहुत कुछ इंगित करती है कि अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद घाटी में पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है और इसके चलते वहां हालात सामान्य बनाने में आसानी हुई है। कश्मीर के हालात सामान्य होने का एक प्रमाण यह है कि वहां बाजार खुलने के साथ ही सड़कों पर पहले जैसी चहल-पहल दिखने लगी है। इसके अलावा बनिहाल और श्रीनगर के बीच करीब तीन महीने से बंद रेल सेवा फिर से शुरू हो गई है। सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि अगले कुछ दिनों में इंटरनेट सेवा भी बहाल की जा सकती है।

कश्मीर के हालात को लेकर शोर मचाने वाले इस पर गौर करें तो बेहतर कि इंटरनेट सेवा बहाल करने मे सबसे बड़ी बाधा अलगाववादियों और आतंकवादियों द्वारा उसका दुरुपयोग किया जाना है। नि:संदेह इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि जहां सरकार कश्मीर के हालात ठीक करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है, वहीं शरारती तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इसे देखते हुए यह नितांत अनिवार्य है कि पत्थरबाजों को उकसाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इस कार्रवाई के दायरे में आतंक समर्थक वे तत्व भी आने चाहिए, जो अभी भी किसी न किसी रूप में सक्रिय हैं। इन तत्वों के दुस्साहस का दमन किया ही जाना चाहिए।

यह मानने के अच्छे-भले कारण हैं कि घाटी में पाकिस्तान-परस्त तत्वों की सक्रियता की एक बड़ी वजह अनुच्छेद 370 ही था। वे इस अनुच्छेद को इस रूप में पेश करते थे, जैसे कश्मीर भारत से भिन्न् है और उसे देश से अलग होने का अधिकार है। इस अनुच्छेद का खात्मा केवल इसलिए जरूरी नहीं था कि वह अलगाववादियों की आड़ और औजार बन गया था, बल्कि इसलिए भी था, क्योंकि उसके जरिए पाकिस्तान यह दुष्प्रचार करने में समर्थ था कि उसे इस भारतीय भू-भाग में दखल देने का अधिकार है। अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद पाकिस्तान बुरी तरह बौखलाया तो इसीलिए कि वह कश्मीर का राग अलापने की फर्जी आड़ से हाथ धो बैठा।

पाकिस्तान की बौखलाहट की परवाह न करते हुए भारत को यह रेखांकित करते रहना चाहिए कि वास्तव में उसे गुलाम कश्मीर में हस्तक्षेप करने का अधिकार है। इससे ही पाकिस्तान और साथ ही कश्मीर में उसकी तरफदारी करने वालों के हौसले पस्त होंगे। जहां तक नजरबंद कश्मीरी नेताओं की रिहाई की मांग है, तो इस पर विचार तभी किया जाना चाहिए जब यह भरोसा हो जाए कि वे अलगाववादी तत्वों को उकसाने का काम नहीं करेंगे।

Posted By: Ravindra Soni

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020