गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावन ने राज्य के स्कूलों से कहा गया है कि वे छात्रों को उनके मोबाइल पर टिक टोक ऐप और पबजी गेम डाउनलोड करने के लिए हतोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि वीडियो-शेयरिंग ऐप और मल्टीप्लेयर कॉम्बेट गेम गोवा के बच्चों के लिए सुरक्षा की दृष्टि से चिंताजनक हैं।

राज्य विधानसभा में कांग्रेस के सदस्य रवि नाइक द्वारा पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए, सीएम ने कहा कि इस मामले को लेकर शिक्षा निदेशक द्वारा स्कूलों को एक सर्कुलर जारी किया गया है। सर्कुलर के अनुसार, माता-पिता, अभिभावकों और बच्चों को टिक टोक ऐप का उपयोग करने और PUBG गेम खेलने के नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूक होने की आवश्यकता है। सर्कुलर में कहा गया है कि ऐप और गेम राज्य के बच्चों की हिफाजत के लिए चिंता का विषय है।

मद्रास हाईकोर्ट ने एक याचिका के जवाब में मई के महीने में टिक टोक ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया था। याचिका में आरोप लगाया गया कि टिक टोक, वीडियो शेयरिंग ऐप जो शॉर्ट वीडियो की शूटिंग और शेयर करने की अनुमति देता है और अश्लील सामग्री को आसानी से सुलभ बना सकता है। वीडियो-शेयरिंग ऐप और PUBG गेम के नशे की प्रकृति के बारे में चिंताएं जताई गई हैं। बाद में प्रतिबंध हटा दिया गया था।

टिक टोक कॉमेडी और टैलेंट वीडियो बनाने और शेयर करने के लिए एक सोशल मीडिया वीडियो ऐप है। एप्लिकेशन को ByteDance द्वारा वर्ष 2017 में लॉन्च किया गया था। इसके यूजर्स 3 से 15 सेकंड के वीडियो बना सकते हैं। टिक टोक दुनिया के कई हिस्सों में एक लीडिंग शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म है। PlayerUnogn के बैटलग्राउंड या PUBG एक ऑनलाइन मल्टीप्लेयर बैटल रॉयल गेम है जिसे PUBG Corporation द्वारा डेवलप और पब्लिश किया गया है। एंड्रॉइड और आईओएस के लिए मोबाइल वर्जन खेलने के लिए साल 2018 में जारी किया गया था। यह गेम सबसे ज्यादा बिकने वाले और सबसे ज्यादा खेले जाने वाले वीडियो गेम में से एक है। PUBG को कई गेम ऑफ द ईयर ननोमिनेशंस प्राप्त हुए हैं और कुछ देशों में युवा प्लेयर्स के एडिक्शन के कारण प्रतिबंधित भी किया गया है।

Posted By: Sonal Sharma

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