एसवीकेएम के एनएमआईएमएस इंदौर कैम्पस में हालही में तालीम ओ तरबियात- एजुकेशन टू एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम का आयोजन किया गया था. जो मुख्य रूप से युवाओं और समाज के वंचित लोगों को अवसर प्रदान करने की एक अनूठी पहल है. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे प्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक और निर्माता अरबाज खान. इसके साथ ही अन्य खास अतिथियों में उपस्थित थे डॉ . प्राची घारपुरे( डाईरेक्टर एनएमआईएमएस इंदौर) रीना अशोक (डायरेक्टर टीआईई, सीईओ एसएआर ग्लोबल) श्रुति कुशवाहा ( क्रेलून्स इनोवेशन, मेंबर टीआईई) और जफर सरेशवाला (पूर्व चांसलर मौलाना आजाद उर्दू यूनिवर्सिटी और तालीम ओ तरबियात के योगदाता).

जफर सरेशवाला की तालीम ओ तरबियात एक ऐसी पहल है जो हमारे देश के युवाओं और वंचितों के विकास के कार्यरत है. जहां समाज के पिछड़े लोगों और युवाओं की शिक्षा, चरित्र निर्माण, उद्यमिता और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है. उन्होंने पूरे भारत में 50 से अधिक शहरों में इसी तरह के कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित की है. उनका उद्देश्य युवाओं में विश्वास पैदा करना , उन्हें वित्तीय साक्षरता, कैपिटल मार्केट, उद्यमिता एवं अन्य जरूरी स्किल्स के साथ उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार करना है.

कार्यक्रम की शुरुआत एनएमआईएमएस इंदौर की डायरेक्टर डॉ .प्राची घारपुरे ने उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए की. अपने वेलकम नोट में उन्होंने एनएमआईएमएस की 40 सालों से भी ज्यादा पुरानी विरासत के बारे में बात की, 2017 में अपनी स्थापना के बाद से इंदौर कैम्पस के हुए विकास का भी इस वक्त उन्होंने जिक्र किया. वे कहती हैं, अनोखा, मॉर्डन इन्फ्रास्ट्रक्चर, अनूठी संस्कृति और शिक्षा के प्रति हमारे समग्र दृष्टिकोण के साथ, हमें यकीन है कि एनएमआईएमएस इंदौर जल्द ही भारत के वेस्टर्न रीजन में नंबर 1 की एवं पसंदीदा युनिवर्सिटी होगी. उन्होंने आगे जफर सरेशवाला और उनकी पत्नी आयशा सरेशवाला को इस नेक पहल के लिए धन्यवाद दिया, जो अपने छात्रों के बीच सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देती है, जो की एनएमआईएमएस का भी सिद्धांत है. आगे उन्होंने वर्कशॉप के संचालन के लिए कार्यरत लोगों को धन्यवाद दिया.

इसके बाद, अभिनेता अरबाज खान ने अपने मुख्य भाषण में छात्रों को प्रोत्साहित किया और कोई भी लक्ष्य पाने के लिए एक 'सिस्टम' का पालन करना कैसे जरूरी है इस पर अपने विचार प्रकट किए, साथ ही उन्होंने छात्रों को प्रेरक भाषण दिया. छात्रों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा, निरंतर मेहनत और परिश्रम ही ऐसी चीजें हैं जो आपको जीवन में सफल बनाने में मदद करेंगी, जीवन एक मैराथन है, तेज दौड़ नहीं, आगे उन्होंने कहा कि किसी और के साथ तुलना करने के बजाय सफलता क्या है, इसके लिए अपना खुद का बेंचमार्क स्थापित करें. प्रतियोगिता बहुत बडी है, इसलिए अपने आप पर, अपने मार्ग पर, उपलब्धियों और लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें. डेल कार्नेगी की पुस्तक स्टॉप वरींग एंड स्टार्ट लिविंग के एक सुंदर उद्धरण के साथ उन्होंने अपने विचारों की समाप्ती की जिसे उन्होंने अपने पिता एवं विख्यात लेखक सलीम खान से सीखा, क्योंकि तब वे खुद सफलता की उम्मीद के बोझ तले दबे थे, उनका कहना है कि यदि आप सकारात्मकता पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो नकारात्मक विचारों से बाहर आ पाएंगे. जिसे हम सभी ने सीखना चाहिए, इसके अलावा, अपने जीवन में आशीर्वाद और अच्छी चीजों की सराहना करना कभी न भूलें.

कार्यक्रम का समापन मौलाना आजाद उर्दू यूनिवर्सिटी के पूर्व चांसलर जफर सरेशवाला के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ. अपने व्यस्त शेड्यूल के बावजूद इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्होंने अरबाज खान को धन्यवाद दिया और साझा किया कि सेलिब्रिटी अरबाज खान का जन्म इंदौर में हुआ था, और उनका इस शहर से कैसे एक खास नाता है. उन्होंने उद्यमिता पर कार्यशाला आयोजित करने के लिए रीना अशोक और श्रुति कुशवाहा की एवं एनएमआईएमएस की सराहना की, और छात्रों को स्टार्टअप क्या है यह समझने में मदद की और बताया की कैसे आगे बढ़े, वे कहते हैं, मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि आज प्रदान की गई सीख का अधिकतम लाभ उठाएं, मैं घोड़े के लिए पानी लाया हूँ, अब यह उस पर है कि वह कितना पानी पीना चाहता है, यह आप सभी के लिए समान है.

इस बीच, इस विशेष दिन के अवसर पर दिन भर चलने वाले एज्युकेशन टू एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम में विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन किया था. जे.जे स्कूल ऑफ आर्ट्स की पूर्व छात्रा, कलाकार आयशा सरेशवाला ने एनजीओ खुशी के साथ मिलकर वंचित लड़कियों के लिए मैक्रैम और सोप मेकिंग कार्यशाला का आयोजन किया.

फाइनेंशियल लिटरेसी पर वर्कशॉप- इस कार्यशाला में अर्थपूर्ण वित्तीय समावेशन ,वित्तीय साक्षरता का मूल्य, कमाई, बचत और खर्चों को नियंत्रित करने के महत्व पर चर्चा की गई. यह उद्यमिता पर आधारित कार्यशाला थी. इस कार्यशाला में एक विचार से एक व्यवसाय का निर्माण करने और इसे यूनिकॉर्न बनने के स्तर तक पहुंचाने के बारे में जानकारी दी गई. भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र पर आधारित कार्यशाला में प्रतिभागियों को अगले दशक में रियल एस्टेट और निर्माण उद्योग से क्या उम्मीद की जाए, इस बारे में ज्ञान दिया गया साथ-साथ रियल्टी उद्योगों के नौकरी के अवसरों से अवगत कराया गया.

इस कार्यक्रम में कई महान हस्तियां उपस्थीत थी. कार्यक्रम को बडी सफलता मिली , उपस्थित प्रतिभागियों ने भविष्य के अच्छे करियर अवसरों की समझ हासिल की .रोजगार पाने में सक्षम, आत्मविश्वासू, दुनिया जीतने का जुनून रखनेवाले युवाओं का निर्माण करना एनएमआईएमएस का मूल सिद्धांत है, और आज आयोजित यह कार्यक्रम एनएमआईएमएस के इसी सिद्धांत को दर्शाता है.

Posted By: Arvind Dubey

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