
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सीबीएसई (सेंट्रल बोर्ड आफ सेकंडरी एजुकेशन) बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं की व्यावहारिक परीक्षाएं फरवरी में होना तय हैं, जिसे लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने नोटिफिकेशन भी जारी किया है। इसके अलावा सब्जेक्ट वाइज अंक विभाजन भी जारी कर दिया गया है। प्रत्येक विषय के लिए आवंटित अधिकतम अंक 100 होंगे।
अंकों को थ्योरी, प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट और आईए कम्पोनेंट्स के बीच विभाजित किया गया है। सहोदय कॉम्पलेक्स के संरक्षक विनय झलानी ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में अब ज्यादा समय शेष नहीं हैं। इसलिए सीबीएसई बोर्ड भी हम लोगों को नोटिफिकेशन के माध्यम से जानकारी दे रहा है, जिससे बच्चे अच्छी तरीके से एग्जाम दे पाएं।
कक्षा 10वीं के लिए 83 विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। हिंदी, सोशल साइंस, मैथमेटिक्स स्टैंडर्ड, बेसिक साइंस और इंग्लिश का पेपर 100 अंक का होगा। थ्योरी परीक्षा की अवधि तीन घंटे होगी, जिसके लिए 80 अंक दिए जाएंगे। इंटरनल असेस्मेंट 20 अंक का होगा। एआई कंप्यूटर एप्लीकेशन, आईटी समेत कई विषयों की परीक्षा की अवधि दो घंटे होगी। 50 अंक प्रैक्टिकल और 50 अंक थ्योरी के होंगे।
कक्षा 12वीं के लिए 121 विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के लिए थ्योरी पेपर 70 अंक का होगा। वहीं 30 अंक की प्रैक्टिकल परीक्षा आयोजित की जाएगी। फिजिकल एजुकेशन के लिए थ्योरी पेपर 70 अंक का होगा। वहीं प्रैक्टिकल परीक्षा 30 अंक की होगी।
जबकि पेंटिंग, ग्राफिक्स, स्कल्पचर, कथक और भरतनाट्यम डांस समेत विषयों की थ्योरी परीक्षा 30 अंक और प्रैक्टिकल परीक्षा 70 अंक की होगी। होम साइंस, इनफार्मेटिव प्रैक्टिस और कंप्यूटर साइंस के लिए भी थ्योरी पेपर 70 अंक और प्रैक्टिकल 30 अंक का होगा।
सभी छात्रों को प्रैक्टिकल परीक्षाएं प्रोजेक्ट और इंटरनल असेस्मेंट का संचालन निर्धारित समय सीमा के भीतर सही ढंग पूरा करने की सलाह भी दी गई है। ताकि अगले चरण में छात्रों को किसी प्रकार की कोई समस्या का सामना न करना पड़े। सीबीएसई ने नोटिस में कहा कि यह देखा गया है कि स्कूल कभी-कभी प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट और इंटरनल असेसमेंट के अंक अपलोड करते समय गलतियां कर देते हैं।
इसलिए इन परीक्षाओं के सुचारू रूप से संचालन में स्कूलों की मदद करने के लिए विषयों की एक सूची तैयार की गई है, ताकि स्कूल निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और अलग-अलग बहाना बनाकर अपनी गलती सुधारने का अनुरोध न करें।