रोहतक। रविवार को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने गढ़ रोहतक में महा परिवर्तन रैली का आयोजन कर रहे हैं। रैली स्‍थल पर कहीं भी कांग्रेस का झंडा नहीं लगे होने से इस बात के कयाय लगाए जा रहे हैं कि हुड्डा की राह कांग्रेस से जुदा हो सकती है। बताया जा रहा है कि उनकी बीती रात कांग्रेस की राष्‍ट्रीय कार्यकारी अध्‍यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात हुई।

रविवार को कर सकते हैं अगले कदम का एलान

यहां रैली स्‍थल पर विशाल पड़ाल बनाया गया है और इसको तिरंगे से रंगा गया है, लेकिन कहीं भी कांग्रेस के झंडे या निशान नहीं लगे हैं। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि हुड्डा कांग्रेस से अलग राह पकड़ सकते है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सुबह दिल्‍ली से रोहतक स्थित आवास पर पहुंचे। उनके साथ पूर्व सांसद बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी घर पर मौजूद हैं। प्रदेश के हुड्डा के करीबी प्रमुख नेता आवास पर पहुंच रहे हैं। थोड़ी देर में वे मेला ग्राउंड स्थित रैली स्थल पर पहुंचेंगे। बताया जाता है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा की शनिवार देर रात कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात हुई।

हुड्डा के करीबी सूत्रों के मुताबिक, उनकी सोनिया गांधी से करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई। सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद रविवार को भूपेंद्र सिंह हुड्डा के तेवर पहले से कुछ ढीले दिखाई दिए हैं। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि वह नई पार्टी की घोषणा करने का इरादा कुछ समय के लिए डाल सकते हैं । रैली स्थल पर लोगों का पहुंचना शुरू हो चुका है।

हुड्डा ने इस रैली को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस आलाकमान को दबाव में लाने के लिए हुड्डा का यह आखिरी पासा माना जा रहा है। हुड्डा के तेवरों से तो साफ लग रहा है रैली में महा परिवर्तन की घोषणा हो सकती है, चाहें पार्टी से बगावत कर अलग रास्ता अख्तियार करेंगे। इसके साथ ही वह सत्ताधारी भाजपा के विजयी रथ को रोकने की कोई खास रणनीति का खुलासा कर सकते हैं। रैली के लिए रोहतक के मेला ग्राउंड में विशाल पंडाल तैयार किया गया है।

प्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व की लड़ाई का आज निर्णायक दिन हो सकता है। हुड्डा ने अपनी रैली में पार्टी के प्रतिद्वंद्वी नेताओं को निमंत्रण तक नहीं दिया है। साथ ही नहीं कांग्रेस के राष्‍ट्रीय नेताओं को भी इस रैली में नहीं बुलाया गया है। कांग्रेस छोड़ने के बारे में हुड्डा ने अभी तक मुंह नहीं खोला है, लेकिन उनके समर्थक विधायक, पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री पार्टी छोड़ने के साफ संकेत दे रहे हैं। विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो हुड्डा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। कई दिन से इस तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

हरियाणा कांग्रेस में नेतृत्‍व परिवर्तन की लड़़ाई में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के वफादार विधायकों में से कइयों के अब साथ छोडऩे की चर्चा भी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि हुड्डा समर्थक अधिकतर विधायक कांग्रेस से अलग राह अपनाने का दबाव बनाए हुए हैं। यदि हुड्डा ने कांग्रेस को अलविदा कहने का निर्णय ले लिया है तो उनके साथ नजर आ रहे कई विधायक उनके मंच पर नहीं आएंगे।

उधर, हुड्डा लगातार शनिवार देर शाम तक नई दिल्ली में ही डटे रहे। नई दिल्‍ली के 9 पंत मार्ग स्थित अपने आवास से हुड्डा रैली की तैयारियों के लिए अपने समर्थकों को दिशा निर्देश देते रहे।

प्रदेश कांग्रेस की कमान अपने हाथ में नहीं आने के चलते पार्टी छोडऩे की तमाम अटकलों के बीच हुड्डा ने सुबह दस बजे सोशल मीडिया पर रोहतक परिवर्तन महारैली में आने का निमंत्रण का भी पोस्ट किया। इसमें सोनिया गांधी व राहुल गांधी की फोटो लगी हुई है।

सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल, आनंद शर्मा, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत कांग्रेस हाईकमान से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पैरवी कर रहे हैं। सूत्र यह भी कह रहे हैं कि अहमद पटेल ने हुड्डा को प्रदेश कांग्रेस की कमान देने के लिए हाईकमान से बात की हैं। इसके बाद ये खबरें भी हैं कि हुड्डा की देर रात कांग्रेस की कार्यकारी अध्‍यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात हुई है। बातचीत में क्‍या हुआ इसका खुलासा नहीं हुआ है।

बता दें, हुड्डा ने हाईकमान की अनदेखी के चलते 9 जून को जब दिल्ली में अपने समर्थकों की निर्णायक बैठक बुलाई थी तो इससे पहले जोधपुर हाउस में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने ही हुड्डा को पार्टी नहीं छोडऩे का सुझाव दिया था। इसके बाद से हुड्डा इन नेताओं के संपर्क में हैं। हुड्डा ने 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वजारोहण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया था।