Haryana Election Exit Poll 2019: हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पूरा हो चुका है। थोड़ी देर में एक्जिट जारी होंगे। वैसे इस बार का चुनाव प्रचार कांग्रेस के लिए मुश्किल भरा रहा। जहां सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं ने सही समय पर मतदाताओं के बीच जाना शुरू कर दिया था, वहां कांग्रेस भी अपना पूरा दम लगाया। कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा संकट रहा नेतृत्व अभाव का। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बागी तेवरों ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ा दी थीं।

- चुनाव से ठीक पहले हरियाणा में कांग्रेस के लिए मुश्किल भरा वक्त तब शुरू हो गया था, जब लोकसभा चुनाव में उसे सभी 10 सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा था। वहीं, चौधरी बीरेंद्र सिंह और राव इंद्रजीत सिंह जैसे दिग्गज नेता कांग्रेस का हाथ छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया।

- हरियाणा कांग्रेस में दो गुट माने जाते हैं। पहला - पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का तो दूसरा - पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर का।

- खासतौर पर जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 के मुद्दे पर पार्टी का रुख कई प्रादेशिक नेताओं को हजम नहीं हुआ है। हालांकि सोनिया गांधी पूरी कोशिश करती रहीं।

- हरियाणा में कांग्रेस के बड़े नेताओं के बारे में कहा जाता है कि हर कोई खुद को मुख्यमंत्री पद पर देखना चाहता है, लेकिन पार्टी के लिए कोई काम करने की इच्छा नहीं रखता है। कुल मिलाकर संगठन स्तर पर कांग्रेस बहुत कमजोर रही।

- दूसरी ओर भाजपा पूरी तरह हावी रही। मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रचार के लिए काफी पहले निकल चुके थे। पिछली बार जाट बहुल सीटों पर पार्टी को जबरदस्त समर्थन मिला था। अब पार्टी की कोशिश गैर जाट वोट बैंक को अपने पक्ष में करने की रही। भाजपा ने प्रदेश की 90 में से 75 सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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