नई दिल्ली। हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने बड़ा फैसला लेते हुए कुमारी सैलजा को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। दिल्ली में हुई अहम बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने इसकी घोषणा की। आजाद ने बतााय कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा को विधायक दल का नेता और विपक्ष का नेता बनाया गया है।

जानकारों के मुताबिक, हाईकमान की अनदेखी के बावजूद हुड्डा का राजनैतिक धैर्य उनके काम आया। सोनिया गांधी के अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से भूपेन्द्र हुड्डा की ताजपोशी का रास्ता साफ हुा है। इस मुद्दे पर कांग्रेस हाईकमान के नजदीकी बड़े नेताओं ने भी हुड्डा का साथ दिया।

इसके साथ ही अशोक तंवर की प्रदेश अध्यक्ष पद से छुट्टी हो गई। कहा जा रहा है कि पार्टी ने यह फैसला भूपेंद्र सिंह हुड्डा के दबाव में लिया है क्योंकि हुड्डा तंवर को हटाने की मांग पर अड़े हुए थे।

कुमारी सैलजा पूर्व केंद्रीय मंत्री और हरियाणा में पार्टी का दलित चेहरा हैं। हरियाणा में करीब 19 फीसदी दलित वोटर्स हैं, जिन्हें सैलजा के माध्यम से पार्टी अपने पाले में लाना चाहती है।

क्या अब मिलेगी गुटबाजी से निजात

हरियाणा में कांग्रेस की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। लोकसभा चुनाव में सभी सीटों पर हारने के बाद पार्टी में गुटबाजी चरम पर है। एक तरफ विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी हैं, तो दूसरी ओर पार्टी के अब तक प्रदेश अध्यक्ष रहे अशोक तंवर। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और भूपेंद्र हुड्डा के खेमों भी हैं।

Posted By: Arvind Dubey