चंडीगढ़। हरियाणा में एक बार फिर भाजपा की सरकार बन गई। 27 अक्टूबर को राजभवन में हुए शपथग्रहण समारोह में मनोहर खट्टर ने दोबारा प्रदेश के सीएम पद की शपथ ली। वहीं जेजेपी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला उपमुख्यमंत्री के तौर पर सरकार में शामिल हुए। शनिवार दोपहर खट्टर और चौटाला ने राज्यपाल से एक साथ मुलाकात कर सरकार बनाने का प्रस्ताव दिया, जिसे गर्वनर द्वारा स्वीकार कर लिया गया।

इसके पूर्व शनिवार सुबह भाजपा विधायक दल की बैठक में एक बार फिर सीएम मनोहर लाल खट्टर को विधायक दल का नेता चुन लिया गया था। इसी के साथ साफ हो गया था कि मनोहर लाल खट्टर ही दोबारा हरियाणा के सीएम बनेंगे। मीडिया से चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसकी जानकारी दी थी। रवि शंकर प्रसाद ने कहा था कि अब हम राज्यपाल से मिलने जाएंगे और उनके निवेदन करेंगे कि वे हमें सरकार बनाने के लिए बुलाएं। मीडिया से चर्चा के दौरान रवि शंकर प्रसाद ने साफ किया कि भाजपा गोपाल कांडा का समर्थन नहीं लेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सूबे में सिर्फ एक ही डिप्टी सीएम रहेगा।

भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकार में क्या भूमिका होगी, इसे लेकर विधायक दल की बैठक में मंथन हो सकता है। इसके साथ ही मनोहर लाल खट्टर को दोबारा विधायक दल का नेता चुना जा सकता है।

भाजपा के साथ आई जेजेपी

हरियाणा की जनता ने इस बार किसी भी राजनीतिक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है। यही वजह है कि सरकार बनाने के लिए राजनीतिक दलों को जोड़ तोड़ करना पड़ी थी। इसमें भाजपा ने बाजी मार ली है। भाजपा को पहली बार चुनाव लड़ने वाली जेजेपी का साथ मिल गया है। भाजपा को इस चुनाव में जहां 40 सीटें मिली हैं, वहीं जेजेपी को 10 सीटें मिली है। ऐसे में दोनों के साथ आने से सूबे में आसानी से गठबंधन सरकार बन जाएगी।

Posted By: Neeraj Vyas

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