Jharkhand Assembly Elections 2019: महाराष्ट्र में शिवसेना द्वारा नाता तोड़ने के बाद अब झारखंड में भी भाजपा को सहयोगी दलों की नाराजगी झेलनी पड़ रही है। नीतीश कुमार की पार्टी जदयू पहले ही घोषित कर चुकी है कि वह सभी 81 सीटों पर राजग के साथ नहीं बल्कि अलग चुनाव लड़ेगी। अब रामविलास व चिराग पासवान की पार्टी लोजपा ने भी 50 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की घोषणा कर दी है। ज्ञात हो कि राज्य की 81 विस सीटों के लिए 30 नवंबरसे 20 दिसंबर तक पांच चरणों में मतदान होगा।

भाजपा के मुख्य सचेतक आजसू में शामिल हुए

इस बीच, झारखंड में सत्तारूढ़ भाजपा के मुख्य सचेतक राधा कृष्ण किशोर मंगलवार को आजसू (ऑल झारखंड स्टुडेंट्‌स यूनियन) में शामिल हो गए। उन्हें भाजपा ने विस चुनाव का टिकट नहीं दिया था, इसलिए वह खफा थे। भाजपा ने दो दिन पहले अपने 52 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की थी। इसमें 10 मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया व तीन मंत्रियों के टिकट होल्ड पर रखे हैं।

जदयू के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनकी पार्टी पांच चरणों में होने वाले विस चुनाव में अकेले मैदान संभालेगी, न कि भाजपा के साथ गठबंधन कर के। जदयू की भाजपा के साथ तार जोड़ने-तोड़ने का पुराना इतिहास रहा है। 2013 में जब भाजपा ने गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी को भाजपा ने पीएम प्रत्याशी घोषित किया था तब भी जदयू ने इसका विरोध करते हुए राजग से नाता तोड़ लिया था। उसके बाद उसने 2014 के लोस चुनाव में पराजय के बाद जदयू ने कांग्रेस, राजद से गठजोड़ कर महागठबंधन बनाया था और 2015 में बिहार विस चुनाव में जीत हासिल कर ली थी। हालांकि जून 2017 में जदयू ने महागठबंधन सेभी नाता तोड़ लिया और फिर राजग का दामन थाम लिया।

लोजपा अपने दम पर 50 प्रत्याशी खड़े करेगी

लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने मंगलवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी 50 सीटों पर प्रत्याशी खड़े करेगी। पासवान ने कहा कि विस चुनाव के बारे में राज्य इकाई को फैसला करना था और उसने अपने दम पर 50 सीटों पर मैदान में उतरने का निर्णय लिया है।

आजसू ने भी दिया झटका

इसके पहले, सोमवार को झारखंड में भाजपा को तब कड़ा झटका लगा था, जब उसकी सहयोगी ऑल झारखंड स्टुडेंट्‌स यूनियन (आजसू) ने भी घोषणा कर दी कि वह भाजपा के कुछ प्रत्याशियों के खिलाफ अपने प्रत्याशी खड़े करेगी। हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेता तनाव खत्म करने के प्रयासों में जुटे हैं।

Posted By: Arvind Dubey