रांची। इस साल के आखिर में झारखंड में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। हालांकि अब तक चुनाव की तारीख की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी सियासी बिसात बिछाना शुरू कर दी है। राज्य के सभी प्रमुख राजनीतिक दल अब राज्य के आदिवासी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुट गई हैं। पीएम मोदी भी गुरुवार को अपने दौरे में विधानसभा चुनाव का बिगूल फूंक चुके हैं।

पीएम मोदी ने चुनावी घोषणा में के पहले ही आदिवासी वोटरों को साधने के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोलने की शुरुआत की। झारखंड के 69 स्कूलों सहित देशभर में ऐसे 462 स्कूल खोले जाएंगे। हर स्कूल में जनजाति समुदाय के 480 छात्र रह सकेंगे।

झारखंड में लगभग 26 फीसदी आदिवासी मतदाता हैं। ये मतदाता प्रदेश का सियासी समीकरण बनाने और बिगाड़ने की कूवत रखते हैं।

कांग्रेस ने भी इन आदिवासी वोटरों को साधने के लिए प्रदेश अध्यक्ष की कमान इस समुदाय से आने वाले रामेश्वर उरांव को सौंपी है। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा भी अपने इस वोटबैंक को मजबूत करने में जुटी हुई है।

झारखंड की राजनीति आदिवासी समुदाय के इर्द गिर्द ही घूमती है। क्योंकि माना जाता है कि आदिवासी समुदाय का वोट एक तरफा गिरता है। ऐसे में सभी राजनीतिक दल उन्हें अपनी ओर करने में लगे हैं।

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