Jharkhand Vidhan Sabha Chunav 2019: झारखंड विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण को लेकर भाजपा में मचा टिकट बंटवारे के विवाद अब बगावत में बदल गया है। भाजपा की चौथी सूची में भी नाम नहीं आने के बाद मौजूदा रघुवार दास सरकार में खाद्य व आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने पार्टी के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंक दिया। उन्होंने ऐलान किया है कि वे जमशेदपुर पूर्वी क्षेत्र से मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। रविवार को उन्होंने मंत्री पद और विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। हालांकि अभी तक भाजपा से इस्तीफा नहीं दिया है। इसके बाद भाजपा ने सरयू राय की पुरानी सीट जमशेदपुर पश्चिमी से देवेंद्र सिंह को उम्मीदवार घोषित कर दिया। सोमवार को इस सीट के नामांकन की आखिरी तारीख है।

सरयू को पहले ही अहसास हो गया था कि भाजपा इस बार उनका टिकट काटने वाली है। उन्होंने रविवार को बिष्टुपुर में अपने आवास पर कार्यकर्ताओं-समर्थकों के साथ मंथन किया और फिर जमशेदपुर पूर्वी से भी चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। हालांकि बाद में सुधार करते हुए बताया गया कि वे जमशेदपुर पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीटों से नहीं, बल्कि सिर्फ पूर्वी सीट से ही चुनाव लड़ेंगे।

सरयू का कहना है कि भाजपा ने मुझे बहुत कुछ दिया है। मैं अभी भी भाजपा की नीतियों पर चल रहा हूं। मैं केंद्रीय नेतृत्व को बता चुका हूं कि यह मेरा आखिरी चुनाव है। अब फैसला पार्टी को करना है।

झारखंड में बिहार के चारा घोटाले से ज्यादा भ्रष्टाचार : सरयू राय ने कहा कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। यह उनके स्वभाव में है। उनके मुताबिक, झारखंड में लालू यादव के चारा घोटाले से हजार गुना ज्यादा भ्रष्टाचार हुआ है। अभी तक जो मामले आए हैं, वो महज 5 फीसदी है।

Posted By: Arvind Dubey