इटानगर। अरुणाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव के साथ-साथ विधानसभा चुनाव के लिए भी मतदान हुआ। 11 अप्रैल को यहां दोनों लोकसभा सीटों के साथ ही 60 विधानसभा सीटों में से 57 पर वोटिंग हुई। शेष तीन विधानसभा सीटों पर दिलचस्प सियासी घटनाक्रम देखने को मिला। तीनों सीटों पर भाजपा प्रत्याशी मतदान से पहले ही विजय घोषित कर दिए गए, क्योंकि या तो विपक्षी प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस ले लिए या जो मैदान में डटे रहे, उनके नामांकन खारिज हो गए। इस तरह डिरांंग विधानसभा सीट से फूर्पा टेसरिंग, याचुली से टाबा टेबिर और अलॉंग ईस्ट से किंटो जेनी निर्विरोध विजयी घोषित हो गए हैं। शेष 57 सीटों पर लोकसभा चुनाव परिणामों के साथ यानी 23 मई को नतीजे आएंगे। भाजपा ने यहां '60+2 मिशन' तय किया है, जिसमें से 3 सीटों पर तो उसने जीत हासिल कर ली है।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और नॉर्थ-ईस्ट में पार्टी प्रभारी राम माधव का दावा है कि अरुणाचल प्रदेश में पहली बार भाजपा की चुनी हुई सरकार बनने जा रही है। अप्रैल 2014 के चुनाव में कांग्रेस ने 60 में से 42 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, लेकिन बाद में उसके कुछ विधायक बागी हो गए थे और पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल में शामिल हो गए थे, जिनके साथ मिलकर भाजपा ने सरकार बना ली थी।

सोशल मीडिया पर हो रहा ऐसा प्रचार

मतदान से पहले ही भाजपा प्रत्याशी का विजयी घोषित होना सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है। किंटो जेनी की फोटो के साथ दावा किया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भाजपा का पहला सांसद जीत गया है। साथ ही राहुल गांधी के 72,000 रुपए देने के वादे का भी मजाक उड़ाया गया है। तस्वीर सही है, लेकिन जानकारी गलत है। किंटो जेनी सांसद नहीं, बल्कि विधायक चुने गए हैं।

Posted By: Arvind Dubey