नई दिल्ली। पीएम मोदी के शपथविधि समारोह में शामिल होने की आमंत्रित विदेशी राष्ट्रप्रमुखों ने पुष्टि की है। बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद, श्रीलंका के राष्ट्रपति श्री मैत्रीपाला सिरिसेना, किर्गिज़ गणराज्य के राष्ट्रपति श्री सोरोनबाये जेनेबकोव, म्यांमार के राष्ट्रपति यू विन म्यिंट, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रवीण कुमार जुगनौत, नेपाल के प्रधान मंत्री के.पी. शर्मा ओली ,भूटान के प्रधान मंत्री डॉ लोटे तशरिंग और थाईलैंड के विशेष दूत ग्रिसदा बूनराच समारोह में शिरकत करेंगे।

पीएम मोदी 30 मई गुरुवार को दूसरी बार प्रधानमंत्री के पद की शपथ लेंगे। पीएम मोदी के इस शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने के लिए बिम्सटेक (BIMSTECH) के सभी प्रमुख नेताओं को न्यौता दिया गया है। बिम्सटेक के बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल, भूटान और भारत सदस्य देश हैं। इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय के द्वारा दी गई।

समारोह में शामिल होने के लिए शंघाई सहयोग संगठन के अध्यक्ष और किर्गिज़ गणराज्य के राष्ट्रपति सोरोनबाय जेनेबकोव और मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्राविन्द जगन्नाथ को भी आमंत्रित किया गया है। प्राविन्द जगन्नाथ इस वर्ष के प्रवासी भारतीय दिवस में भी मुख्य अतिथि थे।

क्या है बिम्सटेक

बिम्सटेक खाड़ी क्षेत्र में आने वाले दक्षिण एशिया एवं दक्षिणपूर्व एशिया के सात देशों का संगठन है। बिम्सटेक एक क्षेत्रीय संगठन है जो क्षेत्रीय एकता को बढ़ावा देने के उद्देश से बनाया गया है।

बिम्सटेक का पूरा नाम 'बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एवं इकोनॉमिक कोऑपरेशन' (बिम्सटेक) है। इसका बैंकाक घोषणापत्र के तहत 6 जून 1997 को हुआ। बिम्सटेक का मुख्यालय बांग्लादेश की राजधानी ढाका में है।

बिम्सटेक का मकसद

बिम्सटेक का उद्देश्य बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में स्थित दक्षिण एशिया एवं दक्षिणपूर्व एशिया के देशों के बीच तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है। इस संगठन में सबसे पहले सहयोग की शुरुआत 1997 में छह क्षेत्रों में कारोबार, तकनीकी, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन एवं मत्स्य पालन के जरिए हुई थी। बाद इसके अंतर्गत कृषि, सार्वजनिक स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, पर्यावरण, संस्कृति, लोगों के बीच संपर्क और जलवायु परिवर्तन को शामिल किया गया। बिम्सटेक क्षेत्र में दुनिया की करीब 1.5 अरब आबादी रहती है। यह विश्व की आबादी का 22 प्रतिशत है।

गौरतलब है 2014 में, पीएम मोदी ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में सार्क के सभी नेताओं को आमंत्रित किया था और वे इस समारोह में शामिल भी हुए थे। राष्ट्रपति 30 मई को शाम 7 बजे प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों को राष्ट्रपति भवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

लोकसभा चुनाव में भाजपा को अकेले अपने दम पर 303 सीटों का भारी बहुमत हासिल हुआ। एनडीए के साथ उसकी सीटों का आंकड़ा 353 तक जा पहुंचा है। यह भी दिलचस्प है कि मोदी अपनी दूसरी पारी का आगाज भी गुरुवार को ही करने जा रहे हैं।