प्रेमविजय पाटिल/गोपाल माहेश्वरी धार/डही। धार-महू संसदीय क्षेत्र में वर्ष 1967 से लेकर 2014 के बीच हुए 13 चुनाव में सात बार कांग्रेस ने अपना परचम लहराया। भाजपा के हिस्से में तीन बार जीत आई। जनसंघ दो बार तो एक बार भारतीय लोक दल ने भी जीत दर्ज की। संसदीय क्षेत्र में अब तक हुए चुनाव में गजेंद्रसिंह राजूखेड़ी कांग्रेस से तीन बार प्रत्याशी रहे और तीनों बार विजयी हुए। इसके अलावा भारतसिंह चौहान भी लगातार तीन बार निर्वाचित हुए।

वे जनसंघ से लगातार दो बार जबकि भारतीय लोक दल से एक बार निर्वाचित हुए। कांग्रेस के सूरजभान सिंह सोलंकी के हिस्से में लगातार दो जीत आई। वहीं दो बार भाजपा के छतरसिंह दरबार भी जीत चुके हैं। 1967 से यह क्षेत्र अजजा वर्ग के लिए आरक्षित है। पहले धार संसदीय क्षेत्र में बड़वानी शामिल था। 2009 के चुनाव से बड़वानी के स्थान पर इस संसदीय सीट में महू शामिल हो गया।

सबसे बड़ी जीत प्रतापसिंह बघेल के नाम

संसदीय क्षेत्र के अब तक के चुनाव में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड कांग्रेस के प्रतापसिंह बघेल के नाम है। 1984 के चुनाव में उन्हें मौका मिला। बघेल को 2 लाख 64 हजार 577 मत मिले थे। जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी जनसंघ के धीरेंद्रसिंह को 1 लाख 29 हजार 222 मत मिले। इस तरह बघेल 1 लाख 35 हजार 355 मतों से विजयी हुए थे। इसके अलावा 1 लाख वोटों से पार पाने की जीत का सेहरा पिछले चुनाव में सांसद सावित्री ठाकुर को भी बंधा था। उन्होंने 1 लाख 4 हजार 328 मतों से जीत दर्ज की थी। प्रतापसिंह बघेल और सावित्री ठाकुर के अलावा कोई भी उम्मीदवार की जीत लाख तक नहीं पहुंच सकी।

2014 में पहली बार जीती महिला

भाजपा ने 2014 के चुनाव में सावित्री ठाकु र को प्रत्याशी बनाया था। साथ ही इस सीट पर जीत दर्ज कर वह यहां की पहली महिला सांसद बनी। इसके पहले संसदीय क्षेत्र में दो बार महिलाओं को मौका मिला था, लेकि न उन्हें जीत नसीब नहीं हुई। 1967 के चुनाव में कांग्रेस की जमुनादेवी तो 1998 के चुनाव में भाजपा की हेमलता दरबार पराजित हुई। जबकि हेमलता के पति छतरसिंह दरबार को दो बार मौका मिला और दोनों ही बार वे चुनाव जीते।