मल्टीमीडिया डेस्क। पंजाब की राजनीति में अपने तीखे और असरदार अंदाज के लिए पहचानी जाने वाली हरसिमरत कौर बादल का ताल्लुक दो सियासती घरानों से रहा है। घर-परिवार में मिले सियासी तजुर्बो का इस्तेमाल उन्होंने बखूबी राजनीति के अखाड़े में किया है।

हरसिमरत कौर का जन्म 25 जुलाई, 1966 को मजीठिया परिवार में सत्यजीत और सुखमंजुस मजीठिया के घर हुआ था। 21 नवंबर 1991 कोबादल खानदान के सुखबीर सिंह बादल से उनकी शादी हुई। शिरोमणि अकाली दल के जरिए उन्होंने राजनीति में कदम रखा। सियासत के साथ उनमें कारोबार की भी गहरी समझ है। हरसिमरत कौर बादल का कृषि, मीडिया और होटल उद्योग का बड़ा कारोबारी साम्राज्य है।

हरसिमरत कौर बादल 2014 में पंजाब के भटिंडा से चुनकर संसद पहुंची और मोदी सरकार में केंद्रीय खाद्य और प्रसंस्करण मंत्री नियुक्त हुई। 2019 में एक बार फिर वो भटिंडा से निर्वाचित हुई है।

हरसिमरत कौर बादल दो बेटियों और एक बेटे की मां है। हरसिमरत के बेटे का पसंदीदा खेल फुटबाल है। वह कहती हैं कि जब मुझे अपने बेटे से बात करनी होती है तो मुझे यह पता होना चाहिए कि मैचेस्टर यूनाइटेड इस समय किस स्थिति में है। साथ ही कौन सी टीम का प्रदर्शन इस समय कैसा हैं।

हरसिमरत बेटियों को बचाने का अभियान भी चला रही हैं। उनके इस अभियान का नाम 'नन्हीं' चाह’ है। वह बेटियों के पढ़ाई-लिखाई और उन्हें बेहतर माहौल दिलाने के लिए भी काफी काम करती रहती हैं। उनके इस अभियान कोअमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भी तारीफ मिल चुकी हैं।

Posted By: Yogendra Sharma