नई दिल्ली। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने कहा है कि वह लोकसभा में पार्टी के नेता की जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं। तिरुवनंतपुरम संसदीय सीट पर तीसरी बार निर्वाचित थरूर ने कहा- "यदि पेशकश की जाती है तो मैं लोकसभा में कांग्रेस पार्टी का नेता बनने को तैयार हूं।"

एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने माना कि कांग्रेस के चुनावी थीम "न्याय" (न्यूनतम आय योजना) का वोटरों के बीच सही तरीके से प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तथा महासचिव प्रियंका वाड्रा के "सॉफ्ट हिंदुत्व" की आलोचना भी की। हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष के पद पर बने रहना चाहिए।

पार्टी उनकी मदद के लिए क्षेत्रीय कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति के बारे में विचार कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों को भारत की हिंदुत्व अवधारणा, खासतौर पर हिंदू राष्ट्र की धारणा को चुनौती देना चाहिए, जो भारत के धर्मनिरपेक्ष नेहरूवादी दृष्टिकोण पर हावी हो गई है, क्योंकि यह देश विविध धर्मों, जातियों, संस्कृतियों और पहचान वाला है।

कांग्रेस को नेता प्रतिपक्ष का आधिकारिक पद नहीं

मालूम हो कि सत्रहवीं लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस को 52 सीटें मिली हैं। इससे यह लोकसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी बनी रहेगी। लेकिन 16वीं लोकसभा की तरह ही इस बार भी कांग्रेस को नेता प्रतिपक्ष का आधिकारिक पद नहीं मिल सकता है। पिछली लोकसभा में पार्टी के 44 सदस्य थे, जबकि नेता प्रतिपक्ष के लिए पार्टी के पास न्यूनतम 55 सीटें होनी चाहिए थीं।