जादवपुर (पश्चिम बंगाल)। लोकसभा चुनाव 2019 के आखिरी चरण के मतदान से पहले पश्चिम बंगाल में टीएमसी और भाजपा के बीच सियासी लड़ाई चरम पर पहुंच गई है। 19 मई रविवार को 8 राज्यों की 59 सीटों पर वोटिंग शुरु हो चुकी है और इनमें बंगाल की 9 सीटें भी शामिल हैं। ममता बनर्जी ने इन सीटों को अपनी नाक का सवाल बना लिया है, क्योंकि जहां-जहां चुनाव होने हैं, वो तृणमूल कांग्रेस के गढ़ हैं। खासतौर पर जादवपुर और साउथ कोलकाता सीट पर ममता का पूरा जोर रहा है।

जादवपुर से दीदी ने अपने सियासी सफर की शुरुआत की थी। साल 1984 में इसी सीट पर ममता ने अपनी पहली बड़ी और चर्चित जीत दर्ज की थी, जब उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को हराया था। इसके बाद वे साउथ कोलकाता सीट पर शिफ्ट हो गई थीं और छह बार सांसद रहीं। इसके अलावा, डायमंड हार्बर सीट पर भी दीदी की प्रतिष्ठा दांव पर है, जहां उनका भतीजा मौजूदा सांसद है और इस बार भी चुनाव लड़ रहा है। पढ़िए इन सीटों का गणित -

जादवपुर लोकसभा सीट पर हमेशा सीपीएम और टीएमसी की टक्कर रही है। 2014 में ममता की पार्टी के सुगत बॉस ने सीपीएम के सुजन चक्रवर्ती को हराया था। 2009 में भी यह सीट टीएमसी के पास रही। टीएमसी ने इस बार सुगत बॉस का टिकट काटकर मिमी चक्रवर्ती को उतारा है। भाजपा ने प्रोफेसर अनुपमा हाजरा को टिकट दिया है। उनके अलावा सीपीआई-एम के विकासरंजन भट्टाचार्य मैदान में हैं।

कोलकाता दक्षिण सीट से भी ममता दीदी का गहरा रिश्ता रहा है। वे 1991 से 2004 तक लगातार पांच बार यहां से जीती थीं। इसके बाद 2011 के उपचुनाव में भी विजयी रही थीं। कुल मिलाकर 1991 से इस सीट पर ममता की पार्टी का कब्जा है। इस बार टीएमसी ने माला रॉय को टिकट दिया है। वहीं भाजपा ने चंद्र कुमार बॉस पर दांव खेला है। कांग्रेस ने श्रीमती मीता चक्रवर्ती तो सीपीआई-एम ने नंदिनी मुखर्जी को उतारा है।

दो सीटों पर दूसरे नंबर पर ही थी भाजपा

2014 के लोकसभा चुनाव में कोलकता नॉर्थ और कोलकाता साउथ पर भाजपा दूसरे नंबर पर रही थी। तब साउथ कोलकाता में टीएमसी को 20.24% वोट का नुकसान हुआ था और भाजपा के खाते में 21.33% वोट बढ़े थे। इसी तरह नॉर्थ कोलकाता में टीएमसी को जीत जरूर मिली थी, लेकिन उसका वोट शेयर गिरकर 35.94% पहुंच गया था। भाजपा को 25.88% वोट मिले थे। भाजपा का उम्मीद है कि इस बार इन सीटों पर उसके प्रत्याशी कमाल दिखा सकते हैं।

लोकसभा चुनाव का सातवां चरण (8 राज्य, 59 सीट)

अधिसूचना की तारीख: 22 अप्रैल (सोमवार)

नामांकन की आखिरी तारीख: 29 अप्रैल (सोमवार)

नामांकन की छंटनी: 30 अप्रैल (मंगलवार

मतदान: 19 मई (रविवार

  1. बिहार (8 सीट): नालंदा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, अर्रा, बक्सर, सासाराम, करकट, जहानाबाद
  2. चंडीगढ़ (1 सीट): चंडीगढ़
  3. हिमाचल प्रदेश (4 सीट): कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, शिमला
  4. झारखंड (3 सीट): राजमहल, दुमका, गोड्डा
  5. मध्य प्रदेश (8 सीट): देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा
  6. पंजाब (13 सीट): गुरदासपुर, अमृतसर, खडूर साहिब, जालंधर, होशियारपुर, आनंदपुर साहिब, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, फिरोजपुर, बठिंडा, संगरूर, पटियाला
  7. उत्तर प्रदेश (13 सीट): महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, रॉबर्ट्सगंज
  8. पश्चिम बंगाल (9 सीट): दम दम, बरसात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जादवपुर, कोलकाता दक्षिण, कोलकाता उत्तर।

परिणाम: सभी 543 सीटों पर 23 मई, गुरुवार को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

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