नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 का प्रचार खत्म हो चुका है। 19 मई रविवार को आखिरी चरण की वोटिंग खत्म होने के बाद मतगणना का इंतजार रह जाएगा। इस चुनाव प्रचार में सभी दलों और नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंकी, लेकिन नजरें नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी पर रहीं। माना जा रहा है कि नतीजे का सबसे बड़ा असर इन्हीं दो राष्ट्रीय नेताओं के भविष्य पर पड़ेगा।

चुनाव प्रचार के दौरान मोदी का सबसे ज्यादा ध्यान यूपी और पश्चिम बंगाल पर रहा। मोदी ने यूपी में 27, तो बंगाल में 13 रैलियां की। भाजपा को इस बार बंगाल से बहुत उम्मीदे हैं, जहां लोकसभा की कुल 42 सीटें हैं। इसी तरह राहुल का ज्यादा ध्यान मध्य्यप्रदेश और राजस्थान पर रहा। राहुल ने एमपी में सबसे ज्यादा 16 रैलियां की। इसी तरह राजस्थान में उनकी 10 सभाएं हुईं। कांग्रेस ने बीते साल इन दोनों राज्यों में विधासनभा चुनाव जीतकर सरकार बनाई है।

प्रमुख राज्यों में मोदी की रैलियां: मोदी ने बिहार और महाराष्ट्र में 9-9 रैलियां कीं। इन दोनों राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या क्रमशः 40 और 48 है। मध्यप्रदेश, ओडिशा और राजस्थान में मोदी की 8-8 रैलियां हुईं। कर्नाटक में भी मोदी ने 7 चुनावी सभाएं की।

प्रमुख राज्यों में राहुल की रैलियां: राहुल ने कुल 29 लोकसभा सीटों वाले मध्यप्रदेश में 16 तो 25 सीटों वाले राजस्थान में 10 रैलियां की। साल 2014 में कांग्रेस को मध्यप्रदेश में महज 2 सीट मिली थी, जबकि राजस्थान में तो उसका खाता भी नहीं खुला था। राहुल ने यूपी में 9 रैलियां की, जहां देश में सबसे ज्यादा 80 सीटे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कर्नाटक और केरल में 8-8 रैलियां की। वहीं बिहार और तमिलनाडु में उनकी 5-5 रैलियां हुईं।

Posted By: Arvind Dubey