धनजंय प्रताप सिंह, भोपाल। लोकसभा चुनाव में मिली भारी भरकम जीत के बाद मोदी कैबिनेट में शामिल होने के लिए नेताओं की कवायद शुरू हो गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठता के आधार पर मंत्री बनने की दौड़ में प्रदेश के आधा दर्जन नेताओं के नाम भी शामिल हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, थावरचंद गेहलोत, डॉ. वीरेंद्र कुमार, प्रहलाद सिंह पटेल और महेंद्र सोलंकी का नाम शामिल है। आदिवासी वर्ग से फग्गन सिंह कुलस्ते और पहली बार सांसद बने जीएस डामोर के नाम भी चर्चा में हैं। इधर, पार्टी नेताओं की मानें तो चौथी बार सांसद बने राकेश सिंह को कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाएगा। हाईकमान उन्हें संगठन में ही रखना चाहता है।

इस लोकसभा चुनाव में प्रदेश से दो शीर्ष पूर्व महिला सांसद सुमित्रा महाजन और सुषमा स्वराज का प्रतिनिधित्व कम होगा। महाजन लोकसभा अध्यक्ष रहीं, वहीं स्वराज विदिशा से सांसद होते हुए विदेश मंत्री रही हैं। पिछली कैबिनेट में मप्र के खाते में पांच केंद्रीय मंत्री के पद रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय मंत्रिमंडल के दावेदारों में शामिल जबलपुर सांसद राकेश सिंह को पार्टी फिलहाल प्रदेशाध्यक्ष पद पर ही रखना चाहती है।

अप्रैल 2018 में नंदकुमार सिंह चौहान की जगह सिंह को पार्टी ने प्रदेशाध्यक्ष की कमान सौंपी थी। वरिष्ठता के नजरिए से राकेश सिंह चौथी बार के सांसद हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि 15 साल सत्ता में रहने के कारण प्रदेश में संगठन कमजोर हो गया है। इसलिए पार्टी हाईकमान सिंह का उपयोग संगठन में करना चाहता है। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक दो दिन से दिल्ली में मोदी कैबिनेट में शामिल किए जाने वाले नेताओं के नाम पर मंथन शुरू हो गया है।

पार्टी नेताओं के मुताबिक इस बार कैबिनेट में भौगोलिक संतुलन का तो ध्यान रखा जाएगा, लेकिन जातिगत संतुलन को पार्टी खास तवज्जो नहीं देने वाली है। योग्यता को सर्वोपरि रखकर सांसदों का आंकलन किया जा रहा है। बीते चुनाव में यूपी से सांसद उमा भारती भी मंत्री बनाई गई थीं पर इस बार उनके चुनाव नहीं लड़ने के कारण वे मंत्री पद की दौड़ से बाहर हैं। यही स्थिति सुषमा स्वराज की है। वे विदिशा से सांसद थीं पर इस बार उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी अब सांसद नहीं हैं। स्व. अनिल माधव दवे भी कैबिनेट में शामिल थे। कुछ समय के लिए आदिवासी नेता फग्गन सिंह कुलस्ते भी कैबिनेट में शामिल थे। इनके अलावा नरेंद्र सिंह तोमर, थावरचंद गेहलोत, डॉ. वीरेंद्र कुमार भी मोदी कैबिनेट के मेंबर रहे हैं।